शिमला: हिमाचल में बैंककर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर हैं. इसके चलते बैंक कर्मियों ने शनिवार को भी शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बैंक कर्मियों ने मांगे पूरी न होने पर 11 मार्च से फिर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.
बैंककर्मी 20 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा सप्ताह के 5 दिनों में बैंकिंग, स्पेशल अलाउंस का बेसिक पे मिलना, पेंशन का अपडेशन, फैमिली पेंशन में सुधार, इनकम टैक्स का रिटायरमेंट बेनिफिट पे न लगाना और अधिकारी वर्ग का काम करने का समय तय करने की मांग कर रहे है.
यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि कई बार केंद्र सरकार और आईबीए के समक्ष वे अपनी मांगें उठा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है. इसके कारण आज मजबूर हो कर उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ रहा है. गोपाल शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों ने 1,1,2017 को डिमांड चार्ट दिया है. इसमें वेतन वृद्धि की मांग समेत अन्य मांगें हैं, जिन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों के घाटे में चलने की बात कर रही है, लेकिन बैंक केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही घाटे में चल रहे हैं. केंद्र सरकार के एक महीने के भीतर मांगों को पूरा न करने पर 11 मार्च को दोबारा से बैंक कर्मी हड़ताल पर जाएंगे.
बता दें कि बैंक कर्मियों की हड़ताल का हिमाचल में भी काफी असर देखने को मिल रहा है. बैंकों की हड़ताल के चलते हिमाचल में दो दिन में 300 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ है. वहीं, हड़ताल के कारण लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बैंक बंद होने के कारण कोई लेन देन नहीं हो रहा है. हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा मिल रही है और एटीएम से भी पैसे लोग निकाल पा रहे हैं.
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