हमीरपुर: विकासखंड हमीरपुर की पंचायतें 5वें राज्य वित्त आयोग का वर्ष 2017-18 और 2018-19 का बजट खर्च नहीं कर पाई हैं. 14वें वित्त आयोग का पैसा भी इसी तरह से पंचायतों के खातों में पड़ा है लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय लापरवाही के चलते बजट खर्च नहीं हो पा रहा है. शनिवार को आयोजित पंचायत समिति हमीरपुर की त्रैमासिक बैठक में यह खुलासा हुआ है.
जानकारी के अनुसार साल 2017-18 और 2018-19 के लिए 5वें राज्य वित्त आयोग से मिला बजट अभी तक पंचायतें खर्च नहीं कर सकी हैं. हमीरपुर ब्लॉक की पंचायतों को वर्ष 2017-18 के लिए 12 लाख 14 हजार 349 रूपये का बजट मिला था. अभी तक 10 लाख रूपये ही खर्च हो सका है. जबकि साल 2018-19 के लिए 12 लाख 83 हजार का बजट मिला था. अभी तक आधा बजट भी खर्च नहीं हो सका है. इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत मिले बजट को भी सही तरीके से पंचायतें खर्च नहीं कर पा रही हैं. इसमें मनरेगा और 14वें वित्त आयोग का पैसा भी शामिल है.
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साल 2019-20 के लिए मनरेगा और 14वें वित्त आयोग के बजट का अनुमोदन
शनिवार को पंचायत समिति कीत्रैमासिक मीटिंग में साल 2019- 20 के लिए मनरेगा और 14वें वित्त आयोग टिकारी योजना का अनुमोदन किया गया है. अनुमोदन को जिला परिषद हमीरपुर को प्रेषित किया जाएगा. इसके अलावा त्रैमासिक बैठक में 3 माह की आय और व्यय का ब्योरा भी प्रस्तुत किया गया. बैठक की अध्यक्षता पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष सोनी कुमार शर्मा ने की.
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गांव का करें विकास
पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष सोनी कुमार शर्मा ने कहा कि पंचायतों में पांचवें राज्य वित्त आयोग का पैसा अभी तक खर्च नहीं हो सका है. पंचायत प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गांव के विकास के लिए कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए मनरेगा और 14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना का अनुमोदन भी किया गया है.
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