भरमौर: दिल्ली दौरे पर पहुंचे विधायक डॉ. जनक राज ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. इस दौरान विधायक ने जनजातीय क्षेत्र भरमौर और पांगी को सुरंगों के जरिए जोड़ने की मांग की. जनक राज ने केंद्रीय मंत्री से जनजातीय क्षेत्र के लिए सुरंगों की सौगात मांगी. साथ ही उच्च स्तरीय रोड की डिमांड भी इन दोनों क्षेत्रों के लिए रखी है. विधायक ने विश्व प्रसिद्व मणिमहेश यात्रा का हवाला देते हुए शिव भक्तों की राह को आसान करने के लिए इन्हें महत्वपूर्ण बताया.
इसके अलावा विधायक ने आपदा के चलते हिमाचल समेत जनजातीय क्षेत्र भरमौर और पांगी में हुए नुक्सान से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया. वहीं, केंद्रीय मंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है. विधायक जनक ने उम्मीद जताई है जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर की दशकों से चली आ रही इन मांगों को केंद्रीय मंत्री जल्द ही अमलीजामा पहनाएंगे. इस दौरान उन्होंने पांगी के प्रसिद्व ठांगी से तैयार की माला पहनाकर केंद्रीय मंत्री को सम्मानित किया। साथ ही विधानसभा चुनावों में उनके पक्ष में प्रचार हेतू भरमौर आने पर डा. जनक ने केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट किया.
केंद्रीय मंत्री के साथ हुई इस मुलाकात में विधायक डॉ. जनक राज ने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों भरमौर और पांगी को बारह माह शेष विश्व से जोड़े रखने के लिए उच्च स्तरीय रोड और सुरंगों का निर्माण करने की मांग रखी है. डा. जनक ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि जनजातीय क्षेत्र पांगी सर्दियों में छह माह के लिए शेष विश्व से पूरी तरह से कट जाता है. वहीं, जनजातीय क्षेत्र भरमौर को शेष विश्व से जोड़े रखने के लिए इकलौता मार्ग है. बरसात और सर्दियों में भूस्खलन और पहाड़ों के दरकने के चलते यह बंद पड़ जाता है, जिसके चलते क्षेत्र पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाता है. सड़क बंद होने से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है.
विधायक ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि भरमौर में विश्व प्रसिद्व मणिमहेश यात्रा का आयोजन जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक होता है और जिसमें देश के कोने-कोने से श्रद्वालु डल झील में पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचते है। लिहाजा बरसात के बारिश होने की स्थिति में क्षेत्र को जोड़ने वाला इकलौता मार्ग भी जगह-जगह बंद पड़ जाता है और यात्रियों को बड़ी मुसीबत यहां उठानी पड़ती है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं है. लिहाजा क्षेत्र को उच्च स्तरीय सड़क और सुरंग के माध्यम से जोड़ा जाता है, तो यहां पर्यटन को पंख लगेंगे. साथ ही स्थानीय बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ एक नया पर्यटन स्थल भी विकसित होगा.
इसके अलावा विधायक ने पांगी घाटी में मौजूद साहसिक और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया है. जिस पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया है कि प्राथमिकता के आधार पर इस दिशा में कार्य कर अमलीजामा पहनाया जाएगा. विधायक ने हिमाचल में बारिश, बाढ़ और बादल फटने से मची तबाही को लेकर केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी है. साथ ही सड़कों को हुए नुकसान को लेकर भी अवगत करवाया.
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