बिलासपुरः सोमवार को हिमाचल प्रदेश में करीब डेढ़ लाख टैक्सी के पहिए थम गए. बिलासपुर में भी टैक्सी ऑपरेटर ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांति मार्च निकाला. इस दौरान देवभूमि टैक्सी यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष मंगल सिंह ठाकुर ने सरकार से आग्रह किया कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए, अन्यथा आने वाले समय में टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे. इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.
टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि कोरोना काल में टैक्सी ऑपरेटर ने सरकार का हर लिहाज से कंधा से कंधा मिलाकर साथ दिया, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार ने टैक्सी ऑपरेटर से कोरोना काल में खड़ी गाड़ियों से रोड़ टैक्स, टोकन टैक्स और पनेल्टी तक वसूल की.
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उग्र आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी
टैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं. अब केंद्र सरकार ने नए नियमों में नेशनल परमिट की वैद्यता 12 साल से घटाकर आठ साल कर दी. टैक्स भी करीब 25 हजार बढ़ा दिया है, इसका सभी यूनियन विरोध कर रही हैं. उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार को चेतवानी देते हुए कहा कि जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा.
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