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देवभूमि हिमाचल के एक देवता ऐसे भी, जिन्हें फूल मालाओं की जगह चढ़ाए जाते हैं गाड़ियों के नबंर प्लेट

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Published : Jun 24, 2021, 3:38 PM IST

मंडी की खूबसूरत वादियों में मौजूद वनशीरा देवता को लोग भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे-फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं. लोगों की आस्था है कि देवता हादसों से हिफाजत करते हैं. इतना ही नहीं आस-पास के जंगलों की भी रक्षा करते हैं. जिसकी वजह से लोग इन्हें जंगल का राजा भी कहते हैं.

Devotees offer number plates of vehicles to Vanshira Devta
फोटो.

करसोग/मंडी: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हादसों से आए दिन कई लोग असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं. आंकड़े बताते हैं कि देश में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन बात देवभूमि हिमाचल की हो तो यहां एक देवता ऐसे भी जो हादसों से लोगों की हिफाजत करते हैं.

हिमाचल को यूं हीं देवभूमि नहीं कहते, यहां हर जगह देवताओं का वास है, लेकिन मंडी के वनशीरा देवता की कहानी किसी रहस्य से कम नहीं है. मंडी के करसोग में हादसों से बचने के लिए यहां वनशीरा देवता के भक्त उन्हें भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं. खूबसूरत वादियों के लिए जाने जाने वाले मंडी जिले के करसोग में इस देवता को लोग वनशीरा देवता के नाम से जानते ही नहीं बल्कि पूरी शिद्दत से मानते भी हैं.

नगेलड़ी में है वनशीरा देवता का स्थान

करसोग उपमंडल से करीब 25 किलोमीटर दूरी छतरी मार्ग पर नगेलडी इलाके में सड़क के किनारे आपको नंबर प्लेट और पुर्जे दिखाई दे तो समझ जाइये कि आप वनशीरा देवता की छत्र छाया में पहुंच गए हैं.

वीडियो रिपोर्ट.

नंबर प्लेट और गाड़ियों के पुर्जे चढ़ाते हैं लोग

हादसों से बचने के लिए यहां वनशीरा देवता के भक्त उन्हें भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं. लोगों की आस्था है कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न रहते हैं और इलाके में कोई हादसा नहीं होता. विज्ञान के इस दौर में जहां हर चीज तर्क की कसौटी पर परखी जाती है. वहीं, करसोग के वनशीरा देवता पर स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है.

हादसों से लोगों की रक्षा करते हैं वनशीरा देवता

मान्यता है कि यही वनशीरा देवता लोगों को हादसों से बचाते हैं. लोग बताते है वनशीरा देवता पर स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा है. चाहे कोई कितना भी जल्दी में क्यों ना हो, वाहन चालक यहां रुकते हैं और वनशीरा देवता को नंबर प्लेट या गाड़ियों के पुर्जे चढ़ाकर पूजा अर्चना करते हैं और फिर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ जाते हैं.

जंगल के राजा के नाम से भी जाने जाते हैं देवता

इतना ही नहीं लोग यह भी माना जाता है कि देवता वनों पर गिद्ध दृष्टि रखने वालों से भी बचाते हैं. उनके डर के कारण वनों के दुश्मन जंगल के पेड़ों को हाथ तक नहीं लगा सकते. यही कारण है कि यहां हमेशा वन संपदा पूरे शबाब पर रहती है. कई लोग वनशीरा देवता को जंगल का राजा भी कहते हैं. वन संपदा की रक्षा करने के लिए उनकी पूजा-अर्चना करते हैं.

ये भी पढ़ें: मां जोगणी के दरबार में बीमारियों से मिलती है निजात, माता की गुफा में छिपे हैं कई रहस्य

करसोग/मंडी: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हादसों से आए दिन कई लोग असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं. आंकड़े बताते हैं कि देश में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन बात देवभूमि हिमाचल की हो तो यहां एक देवता ऐसे भी जो हादसों से लोगों की हिफाजत करते हैं.

हिमाचल को यूं हीं देवभूमि नहीं कहते, यहां हर जगह देवताओं का वास है, लेकिन मंडी के वनशीरा देवता की कहानी किसी रहस्य से कम नहीं है. मंडी के करसोग में हादसों से बचने के लिए यहां वनशीरा देवता के भक्त उन्हें भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं. खूबसूरत वादियों के लिए जाने जाने वाले मंडी जिले के करसोग में इस देवता को लोग वनशीरा देवता के नाम से जानते ही नहीं बल्कि पूरी शिद्दत से मानते भी हैं.

नगेलड़ी में है वनशीरा देवता का स्थान

करसोग उपमंडल से करीब 25 किलोमीटर दूरी छतरी मार्ग पर नगेलडी इलाके में सड़क के किनारे आपको नंबर प्लेट और पुर्जे दिखाई दे तो समझ जाइये कि आप वनशीरा देवता की छत्र छाया में पहुंच गए हैं.

वीडियो रिपोर्ट.

नंबर प्लेट और गाड़ियों के पुर्जे चढ़ाते हैं लोग

हादसों से बचने के लिए यहां वनशीरा देवता के भक्त उन्हें भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं. लोगों की आस्था है कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न रहते हैं और इलाके में कोई हादसा नहीं होता. विज्ञान के इस दौर में जहां हर चीज तर्क की कसौटी पर परखी जाती है. वहीं, करसोग के वनशीरा देवता पर स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है.

हादसों से लोगों की रक्षा करते हैं वनशीरा देवता

मान्यता है कि यही वनशीरा देवता लोगों को हादसों से बचाते हैं. लोग बताते है वनशीरा देवता पर स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा है. चाहे कोई कितना भी जल्दी में क्यों ना हो, वाहन चालक यहां रुकते हैं और वनशीरा देवता को नंबर प्लेट या गाड़ियों के पुर्जे चढ़ाकर पूजा अर्चना करते हैं और फिर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ जाते हैं.

जंगल के राजा के नाम से भी जाने जाते हैं देवता

इतना ही नहीं लोग यह भी माना जाता है कि देवता वनों पर गिद्ध दृष्टि रखने वालों से भी बचाते हैं. उनके डर के कारण वनों के दुश्मन जंगल के पेड़ों को हाथ तक नहीं लगा सकते. यही कारण है कि यहां हमेशा वन संपदा पूरे शबाब पर रहती है. कई लोग वनशीरा देवता को जंगल का राजा भी कहते हैं. वन संपदा की रक्षा करने के लिए उनकी पूजा-अर्चना करते हैं.

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