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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, बधाई संदेश के साथ कही ये बड़ी बात

धर्मशाला के मैक्लोडगंज में रहने वाले वाले तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने भी पत्र के माध्यम से भाजपा गठबंधन को बधाई दी है. दलाई लामा ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इतने बड़े देश का नेता के रूप में मुझे आपको देखने पर गर्व है.

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Published : May 25, 2019, 1:14 PM IST

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

धर्मशाला: लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब देश में एक बार फिर से राजग की सरकार बन गई है. नई सरकार बनने के बाद हर ओर से बधाइयों का तांता लगना भी शुरू हो गया है. देश के हर कोने से भाजपा को बधाईयां मिल रही हैं.

धर्मशाला के मैक्लोडगंज में रहने वाले वाले तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने भी पत्र के माध्यम से भाजपा गठबंधन को बधाई दी है. दलाई लामा ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इतने बड़े देश का नेता के रूप में मुझे आपको देखने पर गर्व है.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ''भारत एक महान देश है जिसकी वजह यह है कि भारत प्राचीन सभ्यताओं में एक है''. उन्होंने लिखा है कि भारत एक ऐसा देश है जो प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के माध्यम से जोड़ सकता है.

पढ़ेंः सुक्खू का वीरभद्र पर पलटवार, 'हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ राजनीतिक रोटियां न सेंके'

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि तिब्बतियों का भारत के प्रति बहुत सम्मान है. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की परंपराओं का हमारे विकास पर शक्तिशाली प्रभाव पड़ा है और भारत का दुनिया के तमाम देशों में बड़ा योगदान रहा है.

धर्मगुरु ने कहा कि पिछले महीने हमने अपने निर्वासन के 60 साल पूरे किए हैं और तिब्बती लोगों की तरफ से भारत के लोगों का भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं. भारत की उदारता की वजह से ही हमने निर्वासन के बावजूद भी अपनी प्रचीन सभ्यता को सुरक्षित किया हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दलाई लामा ने लिखा, ''मैं आशा करता हूं कि आप भारत के लोगों की सभी आशाओं को पूरा करने के लिए चुनौतियों का सामना करने में सफल रहेंगे. मेरी प्रार्थना और शुभकामनाएं आपके साथ हैं''.

ये भी पढ़ेंः हिमाचल में 4 सीटों पर चारों खाने क्यों चित हुई कांग्रेस, कहां रहा भाजपा का पलड़ा भारी

धर्मशाला: लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब देश में एक बार फिर से राजग की सरकार बन गई है. नई सरकार बनने के बाद हर ओर से बधाइयों का तांता लगना भी शुरू हो गया है. देश के हर कोने से भाजपा को बधाईयां मिल रही हैं.

धर्मशाला के मैक्लोडगंज में रहने वाले वाले तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने भी पत्र के माध्यम से भाजपा गठबंधन को बधाई दी है. दलाई लामा ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इतने बड़े देश का नेता के रूप में मुझे आपको देखने पर गर्व है.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ''भारत एक महान देश है जिसकी वजह यह है कि भारत प्राचीन सभ्यताओं में एक है''. उन्होंने लिखा है कि भारत एक ऐसा देश है जो प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के माध्यम से जोड़ सकता है.

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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि तिब्बतियों का भारत के प्रति बहुत सम्मान है. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की परंपराओं का हमारे विकास पर शक्तिशाली प्रभाव पड़ा है और भारत का दुनिया के तमाम देशों में बड़ा योगदान रहा है.

धर्मगुरु ने कहा कि पिछले महीने हमने अपने निर्वासन के 60 साल पूरे किए हैं और तिब्बती लोगों की तरफ से भारत के लोगों का भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं. भारत की उदारता की वजह से ही हमने निर्वासन के बावजूद भी अपनी प्रचीन सभ्यता को सुरक्षित किया हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दलाई लामा ने लिखा, ''मैं आशा करता हूं कि आप भारत के लोगों की सभी आशाओं को पूरा करने के लिए चुनौतियों का सामना करने में सफल रहेंगे. मेरी प्रार्थना और शुभकामनाएं आपके साथ हैं''.

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Intro:धर्मशाला- लोकसभा चुनाव सम्पन होने के बाद अब देश मे एक बार फिर से राजग की सरकार बन गई है। नई सरकार बनने के बाद बधाइयों का तांता लगना भी शुरू हो गया है। देश के हर कोने से भाजपा को बधाईयां मिल रही है। धर्मशाला के मैक्लोडगंज में निवास करने वाले धर्मगुरु दलाई लामा ने भी पत्र के माध्यम से भाजपा गठबंधन को बधाई दी है।


Body:दलाई लामा ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इतने बड़े देश का नेता के रूप में मुझे आपको देखने पर गर्व हैं । उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि भारत एक महान देश है जिसकी वजह यह है कि भारत प्राचीन सभ्यताओं में एक है । उन्होंने लिखा है कि भारत एक ऐसा देश है जो प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के माध्यम से जोड़ सकता है।


Conclusion:उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि हम तिबतियों का भारत के प्रति बहुत समान है। नालंदा विश्वविद्यालय की परम्परायो का हमारे विकास पर शक्तिशाली प्रभाव पड़ा है। उन्होंने लिखा है किभारत का दुनिया के तमाम देश में बड़ा योगदान है। उन्होंने लिखा है कि पिछले महीने हमने अपने निर्वासन के 60 साल पूरे किए है। उन्होंने लिखा है कि में तिबती लोगो की तरफ से भारत के लोगो का भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हु। उन्होंने लिखा है की यह भारत की उदारता की वजह से है कि हमने निर्वासन के बाबजूद भी अपनी प्रचीन सभ्यता को सरक्षित किया हुआ है।
उन्होंने लिखा है कि में आशा करता हु की आप भारत के लोगो के आशा पूरी करने में चुनोतियो का सामना करने में सफल रहे। मेरी प्रथान ओर सुभकामनाये आपके साथ है।
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