नूंह: जिला अस्पताल मांडीखेड़ा परिसर में एक बोलेरो गाड़ी आई. जिसमें से एक महिला अपनी गोद में एक बच्ची लेकर उतरी. महिला के साथ दो युवक भी थे. महिला बच्ची को लेकर गायनी वॉर्ड में पहुंची. बच्ची को चाइल्ड केयर में भर्ती कराया. महिला ने बच्ची के भर्ती होने पर अपना नाम मीना बताया और अपना एक मोबाइल नंबर भी दर्ज कराया.
बच्ची को अस्पताल में छोड़कर फरार
महिला और उसके दो साथी, उस नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए. उनके आने-जाने की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. कुछ देर बाद ड्यूटी पर तैनात एएनएम और स्टाफ ने संबंधित महिला को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन वो कहीं नहीं मिले.
पुलिस को दी सूचना
कुछ देर बाद नवजात बच्ची की तबीयत अचानक खराब होने लगी. उसको मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी की गई. किंतु उसे वहां तक पहुंचाने वाला कोई परिवारिक सदस्य नहीं मिला. मामला जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और रेजिडेंशियल मेडिकल अधिकारी के संज्ञान में लाया गया. अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कुछ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को राजा हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया.
नूंह के अस्पताल में भर्ती कराई बच्ची
इस दौरान स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों ने एंबुलेंस में बच्ची को ऑक्सीजन लगाकर, उसे मेडिकल कॉलेज नूंह के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर महासिंह की देखरेख में भर्ती कराया.
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खतरे से बाहर बच्ची
आरएमओ डॉ. पंकज वत्स का कहना है कि आज पैदा हुई बच्ची के दंपत्ति जो उसे छोड़कर भाग गए, उनकी तलाश की जा रही है. महिला ने अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराया. जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है. इसलिए बच्चे की सेहत के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज नलहड़ में भर्ती करा दिया गया है. जहां चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का इलाज चल रहा है, बच्ची अब खतरे से बाहर है.