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सुरजेवाला की फाइल को खट्टर सरकार ने 4 साल बाद दी मंजूरी, 6 साल में सिर्फ सरिए ही लगे

साल 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास कर इसे हरी झंडी दे दी. इसपर निर्माण कार्य शुरु हुए कुछ ही वक्त हुआ था कि चेयरमैन समेत नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग गए. जिसके बाद ये मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है. जिसके बाद प्रोजेक्ट बीच में ही रुक गया.

Construction of Kaithal City Square project
Construction of Kaithal City Square project
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Published : Feb 23, 2020, 4:43 PM IST

कैथल: करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर दम तोड़ता नजर आ रहा है. साल 2018 के अक्टूबर में इस प्रोजेक्ट पर निर्माण शुरू हुआ था. निर्माण कार्य की समय सीमा दो साल के लिए रखी गई थी, लेकिन अभी तक कंस्ट्रक्शन साइट पर सिर्फ सरिए ही लगे हैं.

दम तोड़ता सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट !

ये प्रोजेक्ट पुराने बस अड्डे की जगह वाले स्थान पर बनाया जा रहा है. प्रशासन और सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि इस बिल्डिंग के निर्माण के बाद एक ही छत के नीचे सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक, शॉप, शोरूम, मल्टीलेवर पार्किंग की सुविधा मिलेगी. ईटीवी भारत ने जब निर्माण साइट का जायजा लिया तो तस्वीरें चौकाने वाली थी.

सुरजेवाला की फाइल को खट्टर सरकार ने 4 साल बाद दी मंजूरी, देखें रिपोर्ट

निर्माण प्रोजेक्ट पर सिर्फ सरिए खड़े हैं

दरअसल दो साल में अभी तक निर्माण साइट पर सिर्फ सरिए ही लगे हैं. सारा काम अधूरा पड़ा है. नगर परिषद के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि साल 2018 के अक्टूबर में इस प्रोजेक्ट का निर्माण शुरु हुआ था. जिसकी समय सीमा दो साल के लिए रखी गई थी, लेकिन ये निर्माण कार्य अभी बंद पड़ा है.

रणदीप सुरजेवाला की फाइल 4 साल में हुई पास

साल 2013 में जब सूबे में कांग्रेस की सरकार थी तब कैथल से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक रणदीप सुरजेवाला ने इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास किया था. साल 2014 में प्रदेश में बीजेपी की सरकार पूर्ण बहुमत से आई. बीजेपी सरकार में रणदीप सुरजेवाला के प्रोजेक्ट के नक्शे को पास होने में 5 साल लग गए.

स्थानीय लोगों ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की

साल 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास कर इसे हरी झंडी दे दी. इसपर निर्माण कार्य शुरु हुए कुछ ही वक्त हुआ था कि चेयरमैन समेत नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग गए. जिसके बाद ये मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है. जिसके बाद प्रोजेक्ट बीच में ही रुक गया.

ये भी पढ़ें- विधानसभा चुनाव में वोट नहीं दिया तो बीजेपी विधायक ने लिया 'इंतकाम'!

स्थानीय लोगों ने सरकार से इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने की मांग की है. ताकि उन्हें एक ही छत के नीचे काफी सुविधा मिल सके. वहीं इस मामले में जब कैथल से बीजेपी विधायक लीलाराम गुर्जर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत कर वो इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करवाएंगे.

कैथल: करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर दम तोड़ता नजर आ रहा है. साल 2018 के अक्टूबर में इस प्रोजेक्ट पर निर्माण शुरू हुआ था. निर्माण कार्य की समय सीमा दो साल के लिए रखी गई थी, लेकिन अभी तक कंस्ट्रक्शन साइट पर सिर्फ सरिए ही लगे हैं.

दम तोड़ता सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट !

ये प्रोजेक्ट पुराने बस अड्डे की जगह वाले स्थान पर बनाया जा रहा है. प्रशासन और सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि इस बिल्डिंग के निर्माण के बाद एक ही छत के नीचे सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक, शॉप, शोरूम, मल्टीलेवर पार्किंग की सुविधा मिलेगी. ईटीवी भारत ने जब निर्माण साइट का जायजा लिया तो तस्वीरें चौकाने वाली थी.

सुरजेवाला की फाइल को खट्टर सरकार ने 4 साल बाद दी मंजूरी, देखें रिपोर्ट

निर्माण प्रोजेक्ट पर सिर्फ सरिए खड़े हैं

दरअसल दो साल में अभी तक निर्माण साइट पर सिर्फ सरिए ही लगे हैं. सारा काम अधूरा पड़ा है. नगर परिषद के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि साल 2018 के अक्टूबर में इस प्रोजेक्ट का निर्माण शुरु हुआ था. जिसकी समय सीमा दो साल के लिए रखी गई थी, लेकिन ये निर्माण कार्य अभी बंद पड़ा है.

रणदीप सुरजेवाला की फाइल 4 साल में हुई पास

साल 2013 में जब सूबे में कांग्रेस की सरकार थी तब कैथल से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक रणदीप सुरजेवाला ने इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास किया था. साल 2014 में प्रदेश में बीजेपी की सरकार पूर्ण बहुमत से आई. बीजेपी सरकार में रणदीप सुरजेवाला के प्रोजेक्ट के नक्शे को पास होने में 5 साल लग गए.

स्थानीय लोगों ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की

साल 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास कर इसे हरी झंडी दे दी. इसपर निर्माण कार्य शुरु हुए कुछ ही वक्त हुआ था कि चेयरमैन समेत नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग गए. जिसके बाद ये मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है. जिसके बाद प्रोजेक्ट बीच में ही रुक गया.

ये भी पढ़ें- विधानसभा चुनाव में वोट नहीं दिया तो बीजेपी विधायक ने लिया 'इंतकाम'!

स्थानीय लोगों ने सरकार से इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने की मांग की है. ताकि उन्हें एक ही छत के नीचे काफी सुविधा मिल सके. वहीं इस मामले में जब कैथल से बीजेपी विधायक लीलाराम गुर्जर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत कर वो इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करवाएंगे.

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