चंडीगढ़: 25 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं. यहां पर वे एक बेहद आधुनिक सीसीटीवी इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम (CCTV Integrated Control Room chandigarh) का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे. यह सभी परियोजनाएं करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई हैं. इन सभी परियोजनाओं में इंटीग्रेट कंट्रोल रूम सेंटर सबसे महत्वपूर्ण है. चंडीगढ़ को सिटी ब्यूटीफुल के के नाम से जाना जाता रहा है, लेकिन अब इसे स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाने लगा है. इसी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस कंट्रोल रूम को तैयार किया गया है.
इसको लेकर हमने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चीफ जनरल मैनेजर एनपी शर्मा से खास बातचीत की. एनपी शर्मा ने बताया कि इस सेंटर का नाम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर है. इसे इंटीग्रेटेड इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें चंडीगढ़ के बहुत से विभागों को आपस में जोड़ा गया है. जैसे एजुकेशन, हेल्थ, नगर निगम, ट्रांसपोर्ट इत्यादि. इन सभी विभागों का डाटा यहां पर आएगा और यहां पर आने के बाद उसे एनआरसी किया जाएगा. इस डाटा के माध्यम से हमें एक ही जगह पर बैठे हुए यह जानकारी मिलेगी कि शहर में किस जगह में किस व्यवस्था की कमी है और किस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना जरूरी है.
उन्होंने बताया कि इससे यह लाभ होगा कि चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को तुरंत पता चल जाएगा कि शहर के कौन से हिस्से में किस तरह की सुविधा दिए जाने की जरूरत है या किस तरह के बदलाव किए जाने की जरूरत है. उदाहरण के लिए अगर किसी जगह पर बार-बार ट्रैफिक जाम हो रहा है तो उससे हमें पता चल जाएगा कि इस जगह पर ट्रैफिक जाम को लेकर काम करने की जरूरत है या अगर किसी जगह पर अपराध से जुड़े आंकड़े ज्यादा मिल रहे हैं तो हमें यह पता चल जाएगा कि उस जगह पर पुलिस की मुस्तैदी बढ़ाने की जरूरत है. इस तरह से यह शहर की बेहतरी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है.
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इसके अलावा उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में 2000 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. यह कैमरे शहर की हर सड़क और चौराहे पर नजर रखेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति सड़क पर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना न कर सके. अगर कोई वाहन रेड लाइट जंप करता है, जेबरा क्रॉसिंग पर खड़ा होता है या तय सीमा से ज्यादा तेज रफ्तार से वाहन चलाता है या कोई व्यक्ति अपना वाहन साइकिल ट्रैक पर चलाता है या कोई भी ट्रैफिक नियमों को उल्लंघन करता है तो यह कैमरे उसे तुरंत ट्रैक कर लेंगे और उस व्यक्ति के घर चालान भेज दिया जाएगा.
इसके अलावा ये कैमरे नंबर प्लेट को पढ़ने में भी सक्षम हैं. अगर हम किसी भी वाहन को पूरे शहर में ट्रैक करना चाहें तो इन कैमरों की मदद से ट्रैक कर सकते हैं. वह वाहन शहर में जिस जगह भी जाएगा. उसके पूरे रास्ते को ट्रैक कर हमें उसकी पूरी जानकारी रहेगी. जिससे पता रहेगा कि वह वाहन शहर में किस-किस जगह पर गया है. एनपी शर्मा ने कहा कि यह कैमरे रात के वक्त भी काम करने में पूरी तरह से सक्षम हैं क्योंकि यह इंफ्रारेड तकनीक से लैस हैं. जिससे यह रात में भी वाहनों की नंबर प्लेट साफ साफ दिखा सकते हैं.
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इस कंट्रोल रूम सेंटर की इमारत के साथ ही नगर निगम के एक सेंटर की इमारत बनाई गई है और तीसरी इमारत पुलिस कंट्रोल रूम सेंटर की भी बनाई गई है ताकि सभी विभाग मिलकर आपस में काम कर सकें. यह परियोजना चंडीगढ़ प्रशासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसका उद्घाटन करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह 25 मार्च को चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं. इसके अलावा अमित शाह सेक्टर-17 में बने फुटबॉल स्टेडियम, अर्बन पार्क, धनास में पुलिस हाउसिंग प्रोजेक्ट और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नई इमारत का उद्घाटन भी करेंगे.
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