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22 से 24 सितंबर दोबारा खोला गया 'मेरी फसल, मेरा ब्यौरा' पोर्टल, ऐसे करें अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन - हरियाणा में खरीफ फसल की खरीद

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि किसान हित में सरकार ने निर्णय लिया है कि मेरी फसल मेरा ब्योरा (Meri Fasal Mera Byora registration 2022 ) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए दोबारा तीन दिन के लिए और खोल दिया जाए. ताकि किसान खरीफ फसलों के पंजीकरण का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकें. उन्होंने बताया कि जो किसान किन्हीं कारणों से अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, वे 22 से 24 सितंबर, 2022 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण फिर से करवा सकते हैं.

मेरी फसल मेरा ब्यौरा रजिस्ट्रेशन 2022
मेरी फसल मेरा ब्यौरा रजिस्ट्रेशन 2022
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Published : Sep 21, 2022, 10:04 PM IST

चंडीगढ़: जेपी दलाल ने किसानों से आह्वान किया कि वे नजदीक के नागरिक सेवा केंद्र पर जाकर विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं और पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र अवश्य ले जाएं. मेरी फसल मेरा ब्यौरा हरियाणा योजना का शुभारम्भ किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है. अब किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और हर समस्या का निवारण हो सकेगा. हरियाणा सरकार ने किसानों की समस्या देखते हुए एक वेबसाइट लांच की है जिसके माध्यम से किसान कृषि संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं. किसान Meri Fasal Mera Byora वेबसाइट fasal.haryana.gov.in पर जाकर अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

हरियाणा में खरीफ फसल की खरीद (Kharif crop procurement in Haryana) 1 अक्टूबर 2022 से की प्रारंभ होगी. इस दौरान मूंग, मूंगफली, अरहर, उड़द और तिल की खरीद होगी. फसलों की खरीद के लिए प्रदेश में 100 से अधिक मण्डियों की व्यवस्था की गई है. विपणन सत्र 2022-23 के दौरान मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी और यह 15 नवंबर, 2022 तक जारी रहेगी. मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2022 तक की जाएगी. इसके अलावा, अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 दिसंबर से शुरू होगी और 31 दिसंबर 2022 तक जारी रहेगी. खरीफ फसलों की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी.

खरीफ की खरीद के लिए 100 से ज्यादा मंडी- राज्य खरीद एजेंसियों, जैसे हरियाणा राज्य भंडारण निगम और हैफेड के अलावा नैफेड द्वारा खरीफ फसलों की खरीद की जाएगी. खरीफ फसलों की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में मंडियों की व्यवस्था की गई है. मूंग की खरीद के लिए 16 जिलों में 38 मंडियां, अरहर की खरीद के लिए 18 जिलों में 22 मंडियां, उड़द की खरीद के लिए 7 जिलों में 10 मंडियां, मूंगफली की खरीद के लिए 3 जिलों में 7 मंडियां तथा तिल की खरीद के लिए 21 जिलों में 27 मंडियां खोली गई हैं.

इस वर्ष मूंग की 41 हजार 850 मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है. इसी प्रकार अरहर की 1044 मीट्रिक टन, उड़द का 364 मीट्रिक टन, तिल का 425 मीट्रिक टन तथा मूंगफली का 10,011 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है. मुख्य सचिव के साथ बैठक में संबंधित विभागों के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे.

ये भी पढ़ें- हरियाणा में खरीफ फसल की खरीद 1 अक्टूबर से होगी शुरू, जानिए किस फसल की खरीद कब से होगी

चंडीगढ़: जेपी दलाल ने किसानों से आह्वान किया कि वे नजदीक के नागरिक सेवा केंद्र पर जाकर विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं और पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र अवश्य ले जाएं. मेरी फसल मेरा ब्यौरा हरियाणा योजना का शुभारम्भ किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है. अब किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और हर समस्या का निवारण हो सकेगा. हरियाणा सरकार ने किसानों की समस्या देखते हुए एक वेबसाइट लांच की है जिसके माध्यम से किसान कृषि संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं. किसान Meri Fasal Mera Byora वेबसाइट fasal.haryana.gov.in पर जाकर अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

हरियाणा में खरीफ फसल की खरीद (Kharif crop procurement in Haryana) 1 अक्टूबर 2022 से की प्रारंभ होगी. इस दौरान मूंग, मूंगफली, अरहर, उड़द और तिल की खरीद होगी. फसलों की खरीद के लिए प्रदेश में 100 से अधिक मण्डियों की व्यवस्था की गई है. विपणन सत्र 2022-23 के दौरान मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी और यह 15 नवंबर, 2022 तक जारी रहेगी. मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2022 तक की जाएगी. इसके अलावा, अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 दिसंबर से शुरू होगी और 31 दिसंबर 2022 तक जारी रहेगी. खरीफ फसलों की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी.

खरीफ की खरीद के लिए 100 से ज्यादा मंडी- राज्य खरीद एजेंसियों, जैसे हरियाणा राज्य भंडारण निगम और हैफेड के अलावा नैफेड द्वारा खरीफ फसलों की खरीद की जाएगी. खरीफ फसलों की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में मंडियों की व्यवस्था की गई है. मूंग की खरीद के लिए 16 जिलों में 38 मंडियां, अरहर की खरीद के लिए 18 जिलों में 22 मंडियां, उड़द की खरीद के लिए 7 जिलों में 10 मंडियां, मूंगफली की खरीद के लिए 3 जिलों में 7 मंडियां तथा तिल की खरीद के लिए 21 जिलों में 27 मंडियां खोली गई हैं.

इस वर्ष मूंग की 41 हजार 850 मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है. इसी प्रकार अरहर की 1044 मीट्रिक टन, उड़द का 364 मीट्रिक टन, तिल का 425 मीट्रिक टन तथा मूंगफली का 10,011 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है. मुख्य सचिव के साथ बैठक में संबंधित विभागों के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे.

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