नई दिल्ली : संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ताजा मामला नई दिल्ली के जामिया नगर का है. कई बसों और निजी गाड़ियों में आग लगाए जाने की खबर है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस जामिया विश्वविद्यालय परिसर में घुसी है. ताजा घटनाक्रम में प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हुए हैं.
दिल्ली उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि ओखला, जामिया और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और मदनपुर खादर इलाके में सभी स्कूल बंद रहेंगे. दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, स्थिति अब नियंत्रण में है, 'मैं दिल्ली के लोगों से कहूंगा कि अफवाहों पर ध्यान न दें. दिल्ली पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है. हम जल्द ही असामाजिक तत्वों की पहचान करेंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे.'
इससे पहले दक्षिण पूर्वी दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि भीड़ हिंसा पर उतारू थी. पथराव में छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है. उन्होंने बताया कि उपद्रवियों की पहचान नहीं की जा सकी है.
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को बहाल करने के लिए हमारी एकमात्र प्राथमिकता भीड़ को पीछे धकेलना है.हमें विश्वविद्यालय के छात्रों से कोई समस्या नहीं है.
चिन्मय बिस्वाल ने कहा, भीड़ ने आगजनी की, मोटरसाइकिलों को आग लगा दी, इसने हम पर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग करने के सवाल पर बिस्वाल ने कहा, कोई फायरिंग नहीं हुई है, ये अफवाह है.
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसकी विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी. जामिया में घुसने के सवाल पर बिस्वाल ने कहा, परिसर एकीकृत नहीं है, यह सड़क के दोनों किनारों पर स्थित है. जब पुलिसकर्मी भीड़ को पीछे धकेल रहे थे, तो उपद्रवी तत्व विश्वविद्यालय के अंदर जाकर पत्थर फेंक रहे थे. पुलिस उन स्थानों को बंद कर रही थी.
तनावपूर्ण माहौल के बीच एक छात्र ने बताया कि पुलिस ताला तोड़कर विश्वविद्यालय परिसर में घुस आई और छात्रों को बाहर निकलने को कहा. छात्र ने कहा कि अभी भी कई छात्र कैंपस में मौजूद हैं, उन्हें धीरे धीरे बाहर निकाला जा रहा है.
घटना पर जामिया मिलिया इस्लामिया के चीफ प्रॉक्टर वसीम अहमद खान ने कहा कि विश्वविद्यालय में पुलिस जबरन दाखिल हुई है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस ने कैंपस में आने को लेकर कोई अनुमति नहीं मांगी थी. साथ ही कहा कि पुलिस ने छात्रों और कर्मचारियों को पीटा और उन्हें जबरन कैंपस छोड़ने के लिए मजबूर किया.
जानकारी के मुताबिक तीन बसों में तोड़फोड़ और आग लगाने के बाद आश्रम चौक पर उपद्रवियों ने क्लस्टर की एक और बस में आग लागने की कोशिश की. बस में बैठे लोग जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर भागे. रुट नंबर 894, करमपुर से ओखला जा रही इस बस में 60 लोग सवार थे. आश्रम चौक से आगे बढ़ने पर ही यहां बड़ी संख्या में लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी.
बस के ड्राइवर उमेश कुमार ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि मौके पर बस के दोनों साइड के गेट खोल वह भी तुरंत ही उतर गए. उमेश के मुताबिक पूरी घटना को वह दूर खड़े होकर देख रहे थे. पुलिस के आने तक जब यह लोग बस को जलाने में नाकाम रहे तब भाग खड़े हुए. बाद में उमेश इस बस को लेकर डिपो पहुंचे. प्रदर्शनकारियों की संख्या 400 से भी ज्यादा बताई जा रही है.
इससे पहले आक्रोशित लोगों ने दिल्ली ट्रांस्पोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) की तीन बसों में आग लगा दी है. दमकल की चार गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. विरोध प्रदर्शन पर जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बयान दिया है.
यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक आगजनी करने में विश्वविद्यालय के छात्रों का कोई हाथ नहीं है. हिंसक प्रदर्शन में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'किसी को भी हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए. किसी भी तरह की हिंसा अस्वीकार्य है. विरोध प्रदर्शन शांति पूर्ण होना चाहिए.'
केजरीवाल ने लिखा कि उन्होंने उपराज्यपाल से बात की है. उन्होंने शांति और सामान्य हालात बहाल करने के लिए सभी कदम उठाने की अपील की है. सीएम ने कहा कि वे अपनी ओर से सभी प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन असामाजिक तत्वों ने हिंसा की, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए.
ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान ने उनकी अगुवाई में होने वाले विरोध प्रदर्शन और हिंसा का आरोप लगाया गया है. उन्होंने अपनी अगुवाई में होने वाले विरोध-प्रदर्शन को शांतिपूर्ण करार दिया. उन्होंने आगजनी कराने के आरोपों का खंडन किया है.
इससे पहले बसों में आगजनी पर प्रत्यक्षदर्शी बिजेंद्र ने बताया कि बस ओखला गांव जा रही थी. उन्होंने कहा कि माता मंदिर रोड पर एक जुलूस आया और रास्ता जाम कर लोगों ने बसों में तोड़-फोड़ शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि 15-20 निजी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई. कई गाड़ियों में आग भी लगा दी गई.
एक अन्य चश्मदीद गोपाल जी मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शनकारी पथराव कर रहे थे. उन्होंने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी.
जामिया टीचर्स एसोसिएशन (JTA) ने जामिया मिलिया इस्लामिया के बाहर, दक्षिणी दिल्ली में हुई हिंसा की निंदा की. JTA ऐसी किसी भी हिंसा का हिस्सा नहीं है. JTA ने स्थानीय राजनीतिक नेताओं द्वारा होने वाले विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की भी अपील की है. जेटीए के बयान में कहा गया है कि संगठन जामिया या भारत में कहीं भी हर तरह की हिंसा की निंदा करता है.
सिटिजन अमेंडमेंट बिल को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इसी कड़ी में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र भी कैब का विरोध कर रहे हैं. रविवार को इसके विरोध में एक मार्च का आयोजन किया गया. वहीं देर शाम यह प्रदर्शन उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी लोग हिंसा पर उतर आए और लोगों ने करीब आधा दर्जन गाड़ियों को आग लगा दी.
वहीं पुलिस ने भीड़ भर काबू पाने के लिए बल का प्रयोग किया जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिस के जवानों को गंभीर चोट आई है. प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी लगातार केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
इस प्रदर्शन के दौरान आश्रम न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, कालिंदी कुंज, शाहीन बाग और जामिया के इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया है. जिससे गुस्साए भीड़ ने कई गाड़ियों में आग लगाई और तोड़फोड़ की.
ट्रैफिक हुआ प्रभावित
इस प्रदर्शन के चलते जामिया मिलिया इस्लामिया, भरत नगर, तैमूर नगर, मथुरा रोड को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया है. जिसके चलते ट्राफिक पूरी तरह से प्रभावित हो गया है.