देश की पहली मजार, जहां हिंदू-मुस्लिम एक साथ खेलते हैं होली - holi celebration at dewa sharif shrine
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यूं तो पूरे देश में रंगों के पवित्र पर्व होली के अनेकों रूप आपको देखने को मिल जाएंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की होली कुछ खास है. यहां के देवा शरीफ की मजार शायद देश की पहली मजार है, जहां हर साल होली खेली जाती है. देश के कोने-कोने से तमाम धर्मों के लोग यहां आकर होली खेलते हैं और पूरी दुनिया को मोहब्बत, अमन और भाईचारे से रहने का संदेश देते हैं. सांप्रदायिक एकता की ऐसी मिसाल शायद ही आपको कहीं देखने को मिले. बाराबंकी से तकरीबन 12 किमी दूर कस्बा देवा स्थित मशहूर सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार है. यहां न कोई जाति का बंधन है और न ही धर्म का, सभी मिल जुलकर गुलाल और फूलों से जमकर होली खेलते हैं. दुनिया की ये अकेली मजार है, जहां होली खेली जाती है. देश के कोने-कोने से लोग यहां आकर होली खेलना अपना सौभाग्य मानते हैं.