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NRC मुसलमानों पर थोपा गया तो होगा विरोध, जमीअत की बैठक में बोले मौलाना

शास्त्री पार्क इलाके में स्थित जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के दिल्ली प्रदेश कार्यालय फ्लाहे दारेन में प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आबिद कासमी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में जमीअत के सदस्यता अभियान, सालाना सेमिनार, के अलावा एनआरसी और जम्मू कश्मीर के अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.

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Published : Oct 25, 2019, 1:09 PM IST

मौलाना आबिद कासमी etv bharat

नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की एक बैठक दिल्ली प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई. जिसमें देश के मौजूदा हालात, खासकर एनआरसी को लेकर मुस्लिमों में बेचैनी, जम्मू-कश्मीर के हालात जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. इस मीटिंग में कहा गया कि यदि एनआरसी सिर्फ मुसलमानों पर थोपा गया तो उसका विरोध किया जाएगा. साथ ही मीटिंग में यह भी तय किया गया कि जमीअत के आगामी सम्मेलन में तीन शख्सियत को उनकी अहम सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा, ताकि इन लोगों के कामों से प्रेरणा लेकर लोग आगे बढ़ सके.

'एनआरसी मुसलमानों पर थोपा तो करेंगे विरोध'

जमीअत चलाएगी सदस्यता अभियान
जमीअत की बैठक में 21 सदस्यों वाली कमेटी के कुछ लोगों को छोड़कर सभी अहम पदाधिकरी शामिल हुए. बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि मौजूदा कमेटी का कार्यकाल पूरा होने को है. दो महीने के बाद कमेटी के चुनाव भी होने हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए जमीअत सदस्यता अभियान भी चलाएगा. जिसके तहत घर-घर पहुंचकर और कैंप लगाकर लोगों को जमीअत का मेंबर बनाया जाएगा.

'एनआरसी सिर्फ मुसलमानों पर थोपा तो होगा विरोध'
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की बैठक में यह तय किया गया कि अगर एनआरसी देश के मुसलमानों पर जबरदस्ती थोपा गया तो हम उसका विरोध करेंगे. अगर एनआरसी सभी देशवासियों के लिए किया जा रहा है तो जमीअत दिल्ली प्रदेश एनआरसी का समर्थन करेगा. साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और आम दिल्ली वालों से भी अपील की गई कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर कार्ड और आधार के बीच लिंक के काम को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए.

'कश्मीर और कश्मीरी हिन्दुस्तान का हिस्सा'
जमीअत की बैठक में जम्मू और कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर भी चर्चा हुई. जम्मू कश्मीर को लेकर दिल्ली प्रदेश का भी वही स्टैंड है जो जमीअत की राष्ट्रीय इकाई का है. इस दौरान सभी लोगों ने एक मत से यह बात दोहराई कि यकीनन हम कश्मीर को हिंदुस्तान का हिस्सा मानते हैं. साथ ही कश्मीरियों को भी अपना भाई मानते हैं. ऐसे में अगर कश्मीरियों पर कोई जुल्म होता है तो यह सबके लिए तकलीफदेह है. कश्मीरियों पर होने वाले जुल्म-ओ-सितम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत पर होगी सेमिनार
मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि जमीअत के सालाना कार्यक्रम के दौरान जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत को उनके अहम कामों के लिए सम्मान देने के लिए चुना गया है. जिनमें अखलाक कासमी, कारी मौहम्मद मियां और मुफ़्ती जफरुद्दीन शामिल हैं. यह तीनों ही जमीअत से जुड़े रहे. इन सेमिनार के जरिये इन तीनों के जीवन और जमीअत के लिए किये जाने वाले कामों के बारे में बताया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सके.

नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की एक बैठक दिल्ली प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई. जिसमें देश के मौजूदा हालात, खासकर एनआरसी को लेकर मुस्लिमों में बेचैनी, जम्मू-कश्मीर के हालात जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. इस मीटिंग में कहा गया कि यदि एनआरसी सिर्फ मुसलमानों पर थोपा गया तो उसका विरोध किया जाएगा. साथ ही मीटिंग में यह भी तय किया गया कि जमीअत के आगामी सम्मेलन में तीन शख्सियत को उनकी अहम सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा, ताकि इन लोगों के कामों से प्रेरणा लेकर लोग आगे बढ़ सके.

'एनआरसी मुसलमानों पर थोपा तो करेंगे विरोध'

जमीअत चलाएगी सदस्यता अभियान
जमीअत की बैठक में 21 सदस्यों वाली कमेटी के कुछ लोगों को छोड़कर सभी अहम पदाधिकरी शामिल हुए. बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि मौजूदा कमेटी का कार्यकाल पूरा होने को है. दो महीने के बाद कमेटी के चुनाव भी होने हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए जमीअत सदस्यता अभियान भी चलाएगा. जिसके तहत घर-घर पहुंचकर और कैंप लगाकर लोगों को जमीअत का मेंबर बनाया जाएगा.

'एनआरसी सिर्फ मुसलमानों पर थोपा तो होगा विरोध'
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की बैठक में यह तय किया गया कि अगर एनआरसी देश के मुसलमानों पर जबरदस्ती थोपा गया तो हम उसका विरोध करेंगे. अगर एनआरसी सभी देशवासियों के लिए किया जा रहा है तो जमीअत दिल्ली प्रदेश एनआरसी का समर्थन करेगा. साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और आम दिल्ली वालों से भी अपील की गई कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर कार्ड और आधार के बीच लिंक के काम को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए.

'कश्मीर और कश्मीरी हिन्दुस्तान का हिस्सा'
जमीअत की बैठक में जम्मू और कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर भी चर्चा हुई. जम्मू कश्मीर को लेकर दिल्ली प्रदेश का भी वही स्टैंड है जो जमीअत की राष्ट्रीय इकाई का है. इस दौरान सभी लोगों ने एक मत से यह बात दोहराई कि यकीनन हम कश्मीर को हिंदुस्तान का हिस्सा मानते हैं. साथ ही कश्मीरियों को भी अपना भाई मानते हैं. ऐसे में अगर कश्मीरियों पर कोई जुल्म होता है तो यह सबके लिए तकलीफदेह है. कश्मीरियों पर होने वाले जुल्म-ओ-सितम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत पर होगी सेमिनार
मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि जमीअत के सालाना कार्यक्रम के दौरान जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत को उनके अहम कामों के लिए सम्मान देने के लिए चुना गया है. जिनमें अखलाक कासमी, कारी मौहम्मद मियां और मुफ़्ती जफरुद्दीन शामिल हैं. यह तीनों ही जमीअत से जुड़े रहे. इन सेमिनार के जरिये इन तीनों के जीवन और जमीअत के लिए किये जाने वाले कामों के बारे में बताया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सके.

Intro:जमीयत उलेमा ए हिंद की एक बैठक दिल्ली प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें देश के मौजूदा हालात, खासकर एनआरसी को लेकर मुस्लिमों में बेचैनी, जम्मू-कश्मीर के हालात जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई साथ ही इस मीटिंग में यह भी किया गया किया गया यदि एनआरसी सिर्फ देश की मुसलमानों को थोपा गया तो उसका विरोध किया जाएगा.इसके साथ ही मीटिंग में यह भी तय किया गया कि जमीअत के आगामी सम्मेलन में तीन शख्सियत को उनकी अहम सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि इन लोगों के कामों से प्रेरणा लेकर लोग आगे बढ़ सकें.


Body:उत्तर पूर्वी जिले के शास्त्री पार्क इलाके में स्थित जमीअत उलेमा ए हिन्द के दिल्ली प्रदेश कार्यालय फ्लाहे दारेन में एक बैठक का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आबिद कासमी की अध्यक्षता में किया गया, बैठक में जमीअत के सदस्यता अभियान, सालाना सेमिनार, के अलावा एनआरसी और जम्मू कश्मीर के अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.
जमीअत की बैठक में 21 सदस्यों वाली कमेटी के कुछ लोगों को छोड़कर सभी अहम पदाधिकरी शामिल हुए, बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि क्योंकि मौजूदा कमेटी का कार्यकाल पूरा होने को है और दो महीने बाद कमेटी के चुनाव भी होना है, इसी को ध्यान में रखते हुए जमीअत का सदस्यता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके तहत घर घर पहुंचकर और कैंप लगाकर लोगों को जमीअत का मेंबर बनाया जाएगा.

एनआरसी सिर्फ मुसलमानों पर थोपा,तो होगा विरोध
जमीअत उलेमा ए हिन्द की बैठक में यह भी तय पाया गया कि मौजदा समय में मुसलमानों में सबसे ज्यादा बैचेनी पैदा करने वाले मुद्दे एनआरसी को अगर सिर्फ देश के मुसलमानों पर थोपा गया तो जमीअत उलेमा ए हिन्द इसका कड़ा विरोध करेगी, अगर एनआरसी सभी देशवासियों के लिए किया जा रहा है तो जमीअत दिल्ली प्रदेश एनआरसी का समर्थन करेगा.इसके साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और आम दिल्ली वालों से भी अपील की गई कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे बोटर कार्ड और आधार के बीच लिंक के काम को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कर लिया जाए.

कश्मीर यकीनन हिन्दुतान का हिस्सा, और कश्मीरी भी
जमीअत की बैठक में जम्मू और कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर भी चर्चा हुई.जम्मू कश्मीर को लेकर दिल्ली प्रदेश का भी वहीं स्टैंड है जोकि जमीअत की राष्ट्रीय इकाई का है. इस दौरान सभी लोगों ने एक मत से यह बात दोहराई कि यकीनन हम कश्मीर को हिंदुस्तान का हिस्सा मानते हैं, साथ ही कश्मीरियों को भी अपना भाई मानते हैं, ऐसे में अगर कश्मीरियों पर कोई जुल्म होता है तो यह सबके लिए तकलीफदेह है, कश्मीरियों पर होने वाले जुल्म ओ सितम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत पर होगी सेमिनार
मौलाना आबिद कासमी ने बताया कि जमीअत के सालाना कार्यक्रम के दौरान जमीअत से जुड़ी तीन शख्सियत को उनके अहम कामों के लिए सम्मान देने के लिए चुना गया है, जिनमें अखलाक कासमी, कारी मौहम्मद मियां और मुफ़्ती जफरुद्दीन शामिल है. यह तीनों ही जमीअत से जुड़े रहे हैं. इन सेमिनार के जरिये इन तीनों के जीवन और जमीअत के लिए किये जाने वाले कामों के बारे में बताया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सके.


Conclusion:जमीअत उलेमा ए हिन्द देश की आजादी में अहम किरदार निभाने के साथ ही देश दुनिया के मुसलमानों को लेकर न केवल गौर फिक्र करती है बल्कि जमीअत समय समय पर होने वाली राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा के दौरान भी मुसलमानों के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती है, ऐसे में जमीअत की दिल्ली इकाई का भी अपना कग ही महत्व है, प्रदेश संगठन की बैठक में मुसलमानों के हालात के साथ ही एनआरसी और कश्मीर के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की गई.



बाईट
मौलाना आबिद कासमी
अध्यक्ष, जमीअत उलेमा ए हिंद, दिल्ली
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