नई दिल्ली/गाजियाबाद: गाजियाबाद पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग के 14 सदस्यों को गिरफ्त्तार किया है. यह गैंग खास तौर पर अमेरिका और दूसरे देशों में बैठे हुए लोगों से ठगी की वारदात अंजाम देता था. इसका काम करने का तरीका बेहद शातिर पाया गया है. यह गैंग कई पार्ट में काम कर रहा था. अब तक इस गैंग ने 12 करोड़ रुपए के आसपास की ठगी की है. खास बात यह है कि इस गैंग में शामिल सभी आरोपी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं, लेकिन वे फर्राटेदार इंग्लिश बोलते हैं.
पॉश इलाके में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में यह कॉल सेंटर चल रहा था जो मुख्य रूप से विदेशी लोगों से स्कैम करने का काम करता था. इस गैंग के 3 पार्ट थे. इनमें से एक पार्ट के पास कॉल आते थे और यह कॉल रिसीव करता था. सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराने के नाम पर उनसे पेमेंट लिया जाता था. दूसरा पार्ट अपने शिकार को कन्विंस करके पेमेंट लेता था. इस गैंग का तीसरा पार्ट अलग-अलग पेमेंट मोड्स के माध्यम से पेमेंट रिसीव करता था. ऐसे पेमेंट मोड इस्तेमाल किए जाते थे जिन्हें ट्रेस करना आसान नहीं होता है. इसमें विजय तलवार मुख्य आरोपी है, जो इस गैंग का मास्टरमाइंड है. इसके अलावा 13 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है.
12 साल में ठगे बारह करोड़: पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि पिछले 2 साल से यह ठगी का गेम चला रहे थे. इस गैंग ने अलग-अलग ठिकानों को भी बदला है, जिसमें नोएडा और दिल्ली भी शामिल है. सबसे ज्यादा यूएस के कस्टमर को शिकार बनाया गया है. आरोपियों ने अब तक 12 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है.
इंग्लिश बोलने की ट्रेनिंग लेकर करते थे ठगी: आरोपी कई बार यह गिफ्ट कार्ड के रूप में भी पेमेंट किया करते थे. इसके अलावा बिटकॉइन के माध्यम से भी लेनदेन हुआ है. पुलिस के मुताबिक यह स्टाफ को सैलरी और कमीशन के आधार पर हायर करते थे. स्टाफ को रखने के लिए बकायदा उनका इंटरव्यू भी लिया जाता था. पुलिस के मुताबिक इंदिरापुरम में कुछ दिन पहले ही यह गोरखधंधा शुरू किया गया था. जब रेड की गई तो वहां से काफी बरामदगी हुई है, जिसमें डिजिटल इक्विपमेंट्स शामिल है. पुलिस के मुताबिक मौके से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है, लेकिन इन्वेस्टिगेशन में कई और लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है. जिनकी गिरफ्तारी के लिए आगे काम किया जाएगा. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी 12वीं पास है, लेकिन फिर भी यह अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं. इसके लिए बकायदा ट्रेनिंग ली गई थी.
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