नई दिल्ली/गाजियाबाद: जिले में धर्म परिवर्तन कराने वाले गैंग के एक और सदस्य को पकड़ा गया है. आरोपी एक एनजीओ का हिस्सा रहा है और धर्म परिवर्तन का काम करता था. आरोपी का नाम प्रताप पटला सिंह है. इसके दो साथी को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जो धर्म परिवर्तन कराने का गैंग चलाता था.
लैपटॉप और मोबाइल से खुलेंगे राज
मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके का है, जहां पर पुलिस ने 26 फरवरी को एक मुकदमा दर्ज किया था. इसमें बताया गया था कि गरीब और असहाय लोगों को लालच देकर और बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है. इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा था. इस मामले में प्रताप सिंह लगातार फरार चल रहा था. यह आरोपी यूपी मिशन नामक एक संगठन का हिस्सा है, जो संगठन धर्म प्रचार की आड़ में लोभ लालच देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने को कहता था. आरोपी गाजियाबाद का ही रहने वाला है.
कहां से हो रही फंडिंग
पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल और लैपटॉप बरामद किया है, जिसको खंगाल रही है. इसमें कुछ अन्य सबूत मिलने के भी आसार हैं. वही अभी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के एनजीओ को कहां से फंडिंग होती थी? क्या इसके तार विदेश से तो नहीं जुड़े हुए हैं? एसीपी स्वतंत्र सिंह का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. पुलिस के मुताबिक यह गरीब लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था.
बद्दो से पहले पकड़ा गया था गैंग
बता दें कि हाल ही में बद्दो और शाहनवाज को भी गेमिंग एप के जरिए बच्चों के धर्मांतरण करवाने के मामले में पकड़ा गया था. लेकिन ताजा मामले में जो प्रताप सिंह पकड़ा गया है, यह गैंग बद्दो उर्फ शाहनवाज की गिरफ्तारी से कुछ समय पहले पकड़ा गया था. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एनसीआर में न जाने कितने धर्म परिवर्तन के गैंग चल रहे हैं जिनको पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है.