नई दिल्ली: राजधानी के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में रविवार को सैकड़ों युवाओं समेत लोगों ने जाति विहीन समाज की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला. यूथ फॉर इक्वलिटी संगठन के प्रेसिडेंट डॉक्टर कौशल ने मार्च का नेतृत्व करते हुए इस मुद्दे को लोगों के बीच पहुंचाने की बात कही.
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बता दें कि सेंट्रल पार्क के बीचों-बीच हाथों में मोमबत्ती लिए, भारत माता की जय के नारों के साथ लोगों ने एक साथ आवाज बुलंद करते हुए जातिवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए.
'जातिवाद को खत्म करने के लिए सरकार लाए बिल'
इस दौरान यूथ फॉर इक्वलिटी के प्रेसिडेंट डॉक्टर कौशल ने कहा कि आज के समय में जातिवाद को लेकर तमाम मुद्दे लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हमारी मांग है कि सरकार मिशन 2020 के अंतर्गत एक बिल पास करें, जिसमें जातिवाद के अंदर आने वाली तमाम पॉलिसीज को खत्म किया जाए, क्योंकि हर सेक्टर में जाति पूछी जाती है.
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'आरक्षण के नहीं जाति के खिलाफ खड़े हैं हम'
वहीं आरक्षण खत्म के मुद्दे पर उनका साफ कहना था कि वह आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, आरक्षण मिलना चाहिए. जिनको इसकी जरूरत है और जो समाज में दी जा रही सुविधाओं का लाभ नहीं ले सकते हैं. जबकि आरक्षण का जो लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, इससे समाज का नुकसान हो रहा है हम इसके खिलाफ हैं.
'जाति खत्म होने के पक्ष में युवा'
इस मार्च में शामिल हुए युवाओं का कहना था कि जाति विहीन समाज होना आज के समय में बेहद आवश्यक है, क्योंकि आज हम सब एक साथ पढ़ते हैं. एक साथ नौकरी करते हैं. ऐसे में जातिवाद का भेदभाव कहीं ना कहीं समाज को खोखला करता है. यह जाति शब्द समाज को दीमक की तरह अंदर से खाली करता है.
'जाति के बाहर विवाह करने की मिले आजादी'
जाति विहीन समाज की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे यूथ फॉर इक्वलिटी के प्रेसिडेंट का कहना था कि हम इंटर कास्ट मैरिज के पक्ष में हैं क्योंकि इसके कारण कई युवाओं की कई परिवारों की जान चली जाती है. इंटर कास्ट मैरिज को लेकर लड़का-लड़की का कत्ल कर दिया जाता है जो कहीं ना कहीं समाज को गलत संदेश देता है अगर जाति खत्म होगी तो समाज में जाति को लेकर भेदभाव भी खत्म होगा.