नई दिल्ली/गाजियाबाद: साहिबाबाद और दुहाई डिपो स्टेशन पर लगाए गए सोलर पावर प्लांट का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया. एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्विनय कुमार सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आरआरटीएस स्टेशन पर स्थापित अत्याधुनिक सोलर पावर प्लांट्स का शुभारंभ किया. इस उद्घाटन के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने सस्टेनेबिलिटी की दिशा में एक और सशक्त कदम उठाया है.
1620 उच्च दक्षता वाले सौर पैनलों से सुसज्जित साहिबाबाद स्टेशन पर स्थापित सोलर पावर प्लांट की कुल क्षमता 729 किलोवाट है. स्टेशन के ऑक्जिलरी लोड के लिए लगभग 7.3 लाख प्रति वर्ष की वार्षिक खपत के मुकाबले यह प्लांट प्रति वर्ष लगभग 10 लाख यूनिट बिजली उत्पन्न करेगा. इस उद्घाटन के साथ, साहिबाबाद स्टेशन एक ग्रीन स्टेशन होने के साथ ही कार्बन नेगेटिव होने की उपलब्धि भी प्राप्त कर लिया.
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वहीं, दूसरी ओर, 320 सौर पैनलों से सुसज्जित दुहाई डिपो स्टेशन पर स्थापित सोलर पावर प्लांट की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 108 किलोवाट है. इससे पहले इस साल जुलाई में, दुहाई स्थित आरआरटीएस डिपो में 585kWp की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के साथ एक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था, जिसके साथ ही यह डिपो एक ग्रीन डिपो बन गया था.
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इस पहल के साथ एनसीआरटीसी ने सस्टेनेबिलिटी की दिशा में एक बड़ी प्रगति हासिल कर ली है, क्योंकि यह तीनों सोलर पावर प्लांट से प्रति वर्ष कुल लगभग 1600 टन कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है. सौर ऊर्जा की ओर बढ़ाया गया यह कदम, ऑपरेशनल कॉस्ट को अनुकूलित करते हुए कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की एनसीआरटीसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है.
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एनसीआरटीसी द्वारा की जा रही सौर पहल, मार्च 2021 में अपनाई गई. जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्टेशनों, डिपो और अन्य सुविधाओं में लगभग 11 मेगावाट की इन-हाउस सौर ऊर्जा उत्पन्न करके ट्रैक्शन और नॉन-ट्रैक्शन उद्देश्यों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को बढ़ाना है. इन सोलर पावर प्लांट्स की स्थापना, एनसीआरटीसी की सस्टेनेबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा प्रक्रियाओं के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रमाणित करती है.