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निलंबित डब्ल्यूएफआई के दैनिक कामकाज के लिए आईओए ने तीन सदस्यीय समिति गठित की

भारतीय ओलंपिक संघ ने डब्लयूएफआई के सभी कामकाज के लिए नयी समिति का गठन किया है. तीन सदस्य वाली यह समिति डबल्यूएफआई के सभी कामकाज देखेगी. पिछले दिनों संजय सिंह को इसका अध्यक्ष बनाया गया था. मामला तूल पकड़ने के बाद खेल मंत्रालय ने पूरे कुश्ती संघ को ही निलंबित कर दिया था. पढ़ें पूरी खबर.....

साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट
साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट
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By PTI

Published : Dec 27, 2023, 5:45 PM IST

Updated : Dec 27, 2023, 6:12 PM IST

नयी दिल्ली : भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने निलंबित भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के दैनिक कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन किया है. फैसले करते हुए अपने ही संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था. भारतीय वुशु संघ के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह बाजवा पैनल के अध्यक्ष होंगे जबकि पूर्व हॉकी ओलंपियन एमएम सोमाया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी मंजुषा कंवर इसके दो अन्य सदस्य हैं.

खेल मंत्रालय ने रविवार को डब्ल्यूएआई को निलंबित कर दिया था जिसके तीन दिन पहले नए पदाधिकारी चुने गए थे. पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विश्वासपात्र संजय सिंह को चुनावों में अध्यक्ष चुना गया था. खेल मंत्रालय ने इसके बाद डब्ल्यूएफआई के दैनिक कार्यों के संचालन के लिए आईओए को तदर्थ समिति का गठन करने को कहा था.

आईओए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष और डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने अपने स्वयं के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मनमाने फैसले किए हैं और सुशासन के सिद्धांतों का भी उल्लंघन किया है.

आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने विज्ञप्ति में कहा, 'आईओए को हाल ही में पता चला है कि नए अध्यक्ष और डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने अपने स्वयं के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए और आईओसी द्वारा समर्थित सुशासन के सिद्धांतों के खिलाफ मनमाने फैसले किए हैं. इसके अलावा उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ समिति के फैसलों को पलट दिया है.’

उन्होंने कहा, 'आईओए निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और आईओसी के अनुसार खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए शासन मानदंडों के पालन को महत्वपूर्ण मानता है इसलिए एक तदर्थ समिति नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है’ तदर्थ समिति को डब्ल्यूएफआई का संचालन करने का काम सौंपा गया है जिसमें खिलाड़ियों का चयन, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों की प्रविष्टियां जमा करना, खेल गतिविधियों का आयोजन करना, बैंक खातों का संचालन, वेबसाइट का प्रबंधन और अन्य संबंधित जिम्मेदारियां शामिल हैं.

बाजवा ने पीटीआई से कहा, 'यह ओलंपिक वर्ष है और हमें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. हम जल्द ही शिविर के साथ सभी सीनियर और जूनियर चैंपियनशिप का आयोजन करेंगे जिससे कि (पेरिस) ओलंपिक में हमारे पदक जीतने की संभावना अधिकतम हो सके. उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य ओलंपिक में अपने देश के लिए अधिकतम पदक जीतना है क्योंकि यह भारत में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और इसमें काफी संभानाएं हैं.

बाजवा डब्ल्यूएफआई के मामलों को चलाने और इसके चुनाव कराने के लिए अप्रैल में आईओए द्वारा गठित तदर्थ समिति के सदस्यों में भी शामिल थे. अदालत में चल रहे मामलों के कारण बार-बार देरी के बाद अंततः 21 दिसंबर को चुनाव हुए और बृजभूषण के करीबी सहयोगी संजय ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता.

यह भी पढ़ें : संजय सिंह बोले, बृजभूषण शरण और साक्षी मलिक ले चुके हैं संन्यास, अब होगा कुश्ती का भला

नयी दिल्ली : भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने निलंबित भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के दैनिक कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन किया है. फैसले करते हुए अपने ही संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था. भारतीय वुशु संघ के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह बाजवा पैनल के अध्यक्ष होंगे जबकि पूर्व हॉकी ओलंपियन एमएम सोमाया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी मंजुषा कंवर इसके दो अन्य सदस्य हैं.

खेल मंत्रालय ने रविवार को डब्ल्यूएआई को निलंबित कर दिया था जिसके तीन दिन पहले नए पदाधिकारी चुने गए थे. पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विश्वासपात्र संजय सिंह को चुनावों में अध्यक्ष चुना गया था. खेल मंत्रालय ने इसके बाद डब्ल्यूएफआई के दैनिक कार्यों के संचालन के लिए आईओए को तदर्थ समिति का गठन करने को कहा था.

आईओए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष और डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने अपने स्वयं के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मनमाने फैसले किए हैं और सुशासन के सिद्धांतों का भी उल्लंघन किया है.

आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने विज्ञप्ति में कहा, 'आईओए को हाल ही में पता चला है कि नए अध्यक्ष और डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने अपने स्वयं के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए और आईओसी द्वारा समर्थित सुशासन के सिद्धांतों के खिलाफ मनमाने फैसले किए हैं. इसके अलावा उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ समिति के फैसलों को पलट दिया है.’

उन्होंने कहा, 'आईओए निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और आईओसी के अनुसार खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए शासन मानदंडों के पालन को महत्वपूर्ण मानता है इसलिए एक तदर्थ समिति नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है’ तदर्थ समिति को डब्ल्यूएफआई का संचालन करने का काम सौंपा गया है जिसमें खिलाड़ियों का चयन, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों की प्रविष्टियां जमा करना, खेल गतिविधियों का आयोजन करना, बैंक खातों का संचालन, वेबसाइट का प्रबंधन और अन्य संबंधित जिम्मेदारियां शामिल हैं.

बाजवा ने पीटीआई से कहा, 'यह ओलंपिक वर्ष है और हमें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. हम जल्द ही शिविर के साथ सभी सीनियर और जूनियर चैंपियनशिप का आयोजन करेंगे जिससे कि (पेरिस) ओलंपिक में हमारे पदक जीतने की संभावना अधिकतम हो सके. उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य ओलंपिक में अपने देश के लिए अधिकतम पदक जीतना है क्योंकि यह भारत में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और इसमें काफी संभानाएं हैं.

बाजवा डब्ल्यूएफआई के मामलों को चलाने और इसके चुनाव कराने के लिए अप्रैल में आईओए द्वारा गठित तदर्थ समिति के सदस्यों में भी शामिल थे. अदालत में चल रहे मामलों के कारण बार-बार देरी के बाद अंततः 21 दिसंबर को चुनाव हुए और बृजभूषण के करीबी सहयोगी संजय ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता.

यह भी पढ़ें : संजय सिंह बोले, बृजभूषण शरण और साक्षी मलिक ले चुके हैं संन्यास, अब होगा कुश्ती का भला
Last Updated : Dec 27, 2023, 6:12 PM IST
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