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खबर का असर, सूने पड़े श्मशान घाट में हुई लकड़ियों, पानी और बिजली की व्यवस्था - शालीमार गार्डन श्मशान घाट लकड़ी पानी व्यवस्था

गाजियाबाद में ईटीवी भारत की ख़बर का असर हुआ है. जहां के शालीमार गार्डन इलाके में स्थित श्मशान घाट पर अब लकड़ियों, पानी और बिजली की व्यवस्था कर दी गई है.

Shalimar Garden Crematorium Ghat arrangements
श्मशान घाट में हुई लकड़ियों, पानी और बिजली की व्यवस्था
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Published : May 4, 2021, 12:37 PM IST

नई दिल्ली/गाजियाबाद: कोरोनाकाल में एक तरफ जहां अस्पतालों में इलाज के लिए मारामारी है तो वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट पर लंबी कतारें लग रही हैं. कई ऐसे श्मशान घाट भी हैं, जहां व्यवस्था के नाम पर सबकुछ शून्य है. मतलब व्यवस्थाएं कुछ भी नहीं है. एक ऐसी ही ख़बर गाजियाबाद से सामने आई थी, जिसे ईटीवी भारत ने प्राथमिकता से दिखाया तो वहां अब इंतजाम किया गया है.

श्मशान घाट में हुई लकड़ियों, पानी और बिजली की व्यवस्था

दरअसल गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में स्थित श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था नहीं है, जहां शव का अंतिम संस्कार करने पहुंच रहे लोगों को खुद ही लकड़ियां और पुजारी को साथ लाना पड़ रहा था. साल 2009 के बाद से ही वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.

Shalimar Garden Crematorium Ghat
शालीमार गार्डन श्मशान घाट

ये भी पढ़ें: श्मशान का हाल: न लकड़ियां, न कोई इंतजाम, कैसे करें अंतिम संस्कार

श्मशान घाट पर पीने के पानी से लेकर लाइट तक की व्यवस्था नहीं थी. ऐसे में ख़बर दिखाए जाने के बाद नगर निगम हरकत में आया और बकायदा यहां पुजारी की नियुक्ति कर दी गई है. साथ ही पानी और लाइट की व्यवस्था भी की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शालीमार गार्डन के लोगों को शव की अंतिम यात्रा के लिए हिंडन श्मशान घाट तक नहीं जाना पड़ेगा. इलाके में श्मशान घाट की व्यवस्थाएं सुधरने से नॉन कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार करने में आसानी होगी.

नई दिल्ली/गाजियाबाद: कोरोनाकाल में एक तरफ जहां अस्पतालों में इलाज के लिए मारामारी है तो वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट पर लंबी कतारें लग रही हैं. कई ऐसे श्मशान घाट भी हैं, जहां व्यवस्था के नाम पर सबकुछ शून्य है. मतलब व्यवस्थाएं कुछ भी नहीं है. एक ऐसी ही ख़बर गाजियाबाद से सामने आई थी, जिसे ईटीवी भारत ने प्राथमिकता से दिखाया तो वहां अब इंतजाम किया गया है.

श्मशान घाट में हुई लकड़ियों, पानी और बिजली की व्यवस्था

दरअसल गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में स्थित श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था नहीं है, जहां शव का अंतिम संस्कार करने पहुंच रहे लोगों को खुद ही लकड़ियां और पुजारी को साथ लाना पड़ रहा था. साल 2009 के बाद से ही वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.

Shalimar Garden Crematorium Ghat
शालीमार गार्डन श्मशान घाट

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श्मशान घाट पर पीने के पानी से लेकर लाइट तक की व्यवस्था नहीं थी. ऐसे में ख़बर दिखाए जाने के बाद नगर निगम हरकत में आया और बकायदा यहां पुजारी की नियुक्ति कर दी गई है. साथ ही पानी और लाइट की व्यवस्था भी की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शालीमार गार्डन के लोगों को शव की अंतिम यात्रा के लिए हिंडन श्मशान घाट तक नहीं जाना पड़ेगा. इलाके में श्मशान घाट की व्यवस्थाएं सुधरने से नॉन कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार करने में आसानी होगी.

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