नई दिल्ली : गो फर्स्ट के बाद एक और एयरलाइन कंपनी Alliance Air आर्थिक संकट से जूझ रही है. जिसकी मदद के लिए सरकार अपने हाथ बढ़ा रही है. सरकार इस क्षेत्रीय उड़ान कंपनी एलायंस एयर में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है. केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. इस निवेश को मंजूरी भी मिल गई है. बता दें कि इस निवेश से आर्थिक संकट में फंसी एयरलाइन कंपनी को मुश्किल से उबरने में मदद मिलेगी.
आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी एलायंस एयर पहले एयर इंडिया (Air India) का हिस्सा रही. लेकिन अब यह एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) के नेतृत्व वाली कंपनी है. AIAHL सेंट्रल गवर्नमेंट की स्पेशल पर्पस व्हीकल है. जिसे केंद्र सरकार द्वारा किसी विशेष उद्देश्य से बनाया गया है. बीते कुछ सालों से कंपनी आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही है. जो कोरोना महामारी और उसके चलते हुए लॉकडाउन के प्रभाव के चलते और गंभीर होती चली गई. आर्थिक संकट का सामना कर रही Alliance Air प्रतिदिन लगभग 130 उड़ानें संचालित करती है.
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हाल के महीनों में एलायंस एयर के पायलटों ने कोविड महामारी से पहले की सैलरी और भत्तों का भुगतान नहीं करने समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर कई बार प्रदर्शन भी किया. आर्थिक तंगी से जूझ रही एयरलाइन कंपनी की मदद के लिए सरकार ने इसमें 300 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर ली है. वित्त मंत्रालय की तरफ से इस निवेश को मंजूरी भी मिल गई है. Alliance Air पिछले कुछ सालों से घाटे में चल रही है. वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का घाटा 447.76 करोड़ रुपये रहा था. एलायंस एयर ब्रांड के तहत उड़ानें एयरलाइन एलाइड सर्विसेज द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसने अपना नाम बदलकर एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड (Alliance Air Aviation Limited) कर दिया है.
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