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टिड्डी की समस्या को लेकर सरकार गंभीर: तोमर

तोमर ने कहा कि जरूरत के अनुसार पर संबंधित राज्यों को संसाधनों के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जा रही है और सभी जागरूक किसानों तथा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या से निपटा जा रहा है.

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Published : May 28, 2020, 11:25 PM IST

टिड्डी की समस्या को लेकर सरकार गंभीर: तोमर
टिड्डी की समस्या को लेकर सरकार गंभीर: तोमर

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि टिड्डी की समस्या को लेकर सरकार गंभीर है और राज्यों के साथ मिलकर इस पर नियंत्रण को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दोनों राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और पुरुषोत्तम रूपाला एवं कृषि सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की.

तोमर ने कहा कि जरूरत के अनुसार पर संबंधित राज्यों को संसाधनों के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जा रही है और सभी जागरूक किसानों तथा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या से निपटा जा रहा है.

पाकिस्तान के रास्ते देश की सीमा में प्रवेश कर राजस्थान से लेकर मध्यप्रदेश तक देश के विभिन्न इलाकों की हरियाली नष्ट कर रहे टिड्डी दल पर 334 स्थानों पर लगाम कस चुकी है और पूरे देश में स्थापित नियंत्रण कक्षों से इसके प्रकोप की रोकथाम की जा रही है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अब तक मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, देवास,आगरमालवा, छतरपुर, सतना व ग्वालियर, राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, भीलवाडा, सिरोही, जालोर, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, दौसा, चुरू, सीकर, झालावाड़, जयपुर, करौली एवं हनुमानगढ़, गुजरात के बनासकांठा और कच्छ, उत्तरप्रदेश में झांसी और पंजाब के फाजिल्का जिले में 334 स्थानों पर 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है."

कृषि मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर,जोधपुर, बीकानेर, म.प्र. के मुरैना और उ.प्र. के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं.

ये भी पढ़ें: कोरोना वायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने को सरकार के उपाय 'काफी सकारात्मक': जालान

उन्होंने कहा कि टिड्डी की समस्या से निपटने के लिए सरकार ब्रिटेन से अतिरिक्त स्प्रेयर मंगा रही है और पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा. वहीं स्प्रे के लिए हेलीकाप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है. क्षेत्रवार 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती करते हुए उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं.

टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों में 21 माइक्रोनैर और 26 उलवमास्ट (47 स्प्रे उपकरण) हैं, जिनका उपयोग टिड्डी नियंत्रण के लिए किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त 60 स्प्रेयर के लिए आपूर्ति आदेश दिया गया है, जिनकी आपूर्ति यूके स्थित कंपनी द्वारा की जाएगी. जून में दो बार में 35 और जुलाई में 25 की आपूर्ति हो जाएगी.

मंत्रालय ने कहा, "लंबे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किया गया है, जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित ड्रोन का उपयोग किया जाएगा. इसी प्रकार 55 वाहनों की खरीद के आदेश दे दिए गए हैं. स्प्रे के लिए हेलीकाप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है."

(आईएएनएस)

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि टिड्डी की समस्या को लेकर सरकार गंभीर है और राज्यों के साथ मिलकर इस पर नियंत्रण को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दोनों राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और पुरुषोत्तम रूपाला एवं कृषि सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की.

तोमर ने कहा कि जरूरत के अनुसार पर संबंधित राज्यों को संसाधनों के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जा रही है और सभी जागरूक किसानों तथा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या से निपटा जा रहा है.

पाकिस्तान के रास्ते देश की सीमा में प्रवेश कर राजस्थान से लेकर मध्यप्रदेश तक देश के विभिन्न इलाकों की हरियाली नष्ट कर रहे टिड्डी दल पर 334 स्थानों पर लगाम कस चुकी है और पूरे देश में स्थापित नियंत्रण कक्षों से इसके प्रकोप की रोकथाम की जा रही है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अब तक मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, देवास,आगरमालवा, छतरपुर, सतना व ग्वालियर, राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, भीलवाडा, सिरोही, जालोर, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, दौसा, चुरू, सीकर, झालावाड़, जयपुर, करौली एवं हनुमानगढ़, गुजरात के बनासकांठा और कच्छ, उत्तरप्रदेश में झांसी और पंजाब के फाजिल्का जिले में 334 स्थानों पर 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है."

कृषि मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर,जोधपुर, बीकानेर, म.प्र. के मुरैना और उ.प्र. के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं.

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उन्होंने कहा कि टिड्डी की समस्या से निपटने के लिए सरकार ब्रिटेन से अतिरिक्त स्प्रेयर मंगा रही है और पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा. वहीं स्प्रे के लिए हेलीकाप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है. क्षेत्रवार 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती करते हुए उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं.

टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों में 21 माइक्रोनैर और 26 उलवमास्ट (47 स्प्रे उपकरण) हैं, जिनका उपयोग टिड्डी नियंत्रण के लिए किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त 60 स्प्रेयर के लिए आपूर्ति आदेश दिया गया है, जिनकी आपूर्ति यूके स्थित कंपनी द्वारा की जाएगी. जून में दो बार में 35 और जुलाई में 25 की आपूर्ति हो जाएगी.

मंत्रालय ने कहा, "लंबे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किया गया है, जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित ड्रोन का उपयोग किया जाएगा. इसी प्रकार 55 वाहनों की खरीद के आदेश दे दिए गए हैं. स्प्रे के लिए हेलीकाप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है."

(आईएएनएस)

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