हैदराबाद : तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव (Telangana Assembly Elections 2023) के लिए कमर कस ली है. विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार अभियान जोरशोर से जारी है. पार्टी ने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मंत्रियों, सासंदों, एमएलसी, विभिन्न निगमों के अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं तक को चुनाव अभियान प्रभारियों के रूप में नियुक्त किया है. सत्तारूढ़ दल ने हाल ही में घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में वृद्ध, 400 रुपये में एलपीसी सिलेंडर और 'रायतू बंधु' योजना के तहत किसानों (BRS focus on farmers) को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी जैसे अहम वादे किए हैं.
बीआरएस का घोषणापत्र : घोषणापत्र में कहा गया है कि 'रायतू बंधु' योजना (Rytu Bandhu scheme for farmers) के तहत किसानों को हर साल मिलने वाली रकम में वृद्धि कर दस हजार रुपये प्रति एकड़ खाते में जमा कराया जाएगा. इतना ही नहीं, ये रकम अगले पांच सालों में धीरे-धीरे बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा. इस घोषणापत्र को जहां कांग्रेस ने रद्दी कागज बताया. वहीं, बीआरएस की विधान परिषद सदस्य के. कविता ने इस पर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ए. रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि अगर ये घोषणापत्र रद्दी का कागज है, तो कांग्रेस की चुनाव गारंटी किसी 'टिशू पेपर' से कम नहीं. कांग्रेस की गारंटी अन्य कुछ नहीं बल्कि बीआरएस की योजनाओं की कॉपी है. कविता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को बीआरएस से प्रेरणा लेनी चाहिए.
किसानों पर मैन फोकस : बीआरएस का मैन फोकस अब किसान समुदाय पर (BRS focus on farmers) है, जहां पार्टी का दावा है कि तेलंगाना के सभी जिलों के किसानों का समर्थन केसीआर के साथ है. बीआरएस ने किसानों के लिए बनायी अपनी योजना 'रायतु बंधु' को चुनावी हथकंडा बनाया है, पार्टी ने यह भी दावा किया है कि राज्य में बीआरएस ने कृषि का कायापलट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ऐसे में माना जा रहा है कि किसानों के लिए सत्तारढ़ दल की रायतु बंधु निवेश सहायता योजना एक तरह से तुरुप का इक्का साबित हो सकती है.
बीआरएस के हाथ किसानों का साथ : बीआरएस की विधान परिषद सदस्य और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के. कविता का कहना है कि उनकी पार्टी ने देश में अपनी तरह की पहली ऐसी योजना बनायी जिससे किसानों को लाभ ही लाभ हुआ है. यहां तक कि 'रायतु बंधु' की सराहना संयुक्त राष्ट्र ने भी की है. कविता ने हाल ही में बीआरएस की ओर से जारी घोषणापत्र को भी दोहराया, जिसमें पार्टी ने इस योजना के तहत लाभ को 16 हजार रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने का ऐलान किया है. जबकि यह आठ हजार रुपये प्रति एकड़ के साथ शुरू हुई थी.
क्या है 'रायतु बंधु' योजना : तेलंगाना सरकार ने साल 2018-19 में किसानों की वित्तीय सहायता के लिए 120 अरब रुपये के बजट में 'रायतु बंधु' योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत तेलंगाना के किसानों को हर साल आठ हजार रुपये की वित्तीय मदद मिलती है. प्रदेश सरकार ने बाद में इस रकम को बढ़ाकर दस हजार रुपये कर दी. ये रकम किसानों को उनके खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाता है, जो कि इस योजना की खासियत है. इस योजना का उद्देश्य छोटे पैमाने के खाद्य उत्पादकों की मदद को प्राथमिकता देना है.
किसानों के लिए संजीवनी : इस योजना से खासतौर पर उन किसानों को आर्थिक मदद मिलती है, जो छोटे पैमाने पर खेती करते हैं. खाद, बीज, मजदूरी आदि खर्चों का वहन करने में किसानों को आसानी होती है. अपनी जमीन पर रबी और खरीफ की खेती से पहले ही किसानों को उनके खातों में ये रकम पहुंच जाती है. कुल मिलाकर किसानों की बुनियादी मदद में ये योजना संजीवनी का काम करती है. बता दें कि तेलंगाना सरकार की रायतु बंधु योजना लगभग छह मिलियन किसान परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से कवर करती है, जिनकी अपनी कृषि जमीन है.
केंद्र की पीएम किसान सम्मान निधि : केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बीआरएस सरकार की 'रायतु बंधु' योजना से प्रेरित है. तेलंगाना ने जहां किसानों के हित को ध्यान में रखकर रायतु बंधु योजना का आगाज किया, उसी साल केंद्र सरकार ने भी 2019-20 के बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को खेती के लिए छह हजार रुपये प्रति वर्ष वित्तीय सहायता देने की घोषणा की. ये रकम उन किसानों के लिए है, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन हो. हालांकि, ये रकम तीन किस्तों में किसानों को दी गई और प्रत्येक किस्त की राशि दो हजार रुपये थी. तेलंगाना सरकार की तरफ केंद्र सरकार ने भी ये रकम लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष रूप से जमा करायी.
एमपी ने भी अपनाया तेलंगाना स्कीम : मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही कैबिनेट बैठक में किसानों के लाभ को ध्यान में रखकर किसान कल्याण योजना के तहत रकम को बढ़ाने की घोषणा की थी. ये लगभग तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू की गई रायतु बंधु योजना से प्रेरित ही है. किसानों पर फोकस करते हुए शिवराज सरकार ने किसान कल्याण योजना के तहत छह हजार रुपये प्रति वर्ष देने का ऐलान कर दिया. इस तरह से किसान सम्मान निधि और एमपी सरकार की योजना से किसानों को कुल 12,000 रुपये प्रतिवर्ष मिलेगा.