नई दिल्ली : नगा मुद्दे (Naga issue) का जल्द समाधान निकालने के प्रयास में केंद्र सरकार (Central government) ने अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए नगा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप (NNPG) को नई दिल्ली बुलाया है.
नगा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप (NNPG) का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत-नागा राजनीतिक मुद्दे पर केंद्र सरकार के वार्ताकार एके मिश्रा के साथ चर्चा करने के लिए सोमवार शाम नई दिल्ली पहुंच रहा है. इस बारे में एनएनपीजी के प्रवक्ता एलेजो ने ईटीवी भारत से बात करते हुए बताया कि हमारे सभी नेता आज शाम दिल्ली पहुंच रहे हैं. हम बुधवार को वार्ताकार एके मिश्रा के साथ बैठक करेंगे. बता दें कि एनएनपीजी सात नागा गुटों का एक समूह है और इसने 2017 से केंद्र सरकार के साथ एक अलग बातचीत शुरू की है. इसने केंद्र सरकार और नगालैंड सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन-आईएम) के बीच हस्ताक्षरित 2015 फ्रेमवर्क समझौते की सहमत स्थिति पर भी हस्ताक्षर किए हैं. एलेजो ने कहा कि हम भारत-नागा शांति वार्ता का शीघ्र समाधान चाहते हैं.
इस बीच, नई दिल्ली में वार्ता प्रक्रिया में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि एके मिश्रा और एनएससीएन-आईएम नेतृत्व के बीच नवीनतम चर्चा, पिछले सप्ताह काफी सार्थक रही, हालांकि संगठन एक अलग नागा ध्वज और एक संविधान की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है. करीब लगभग एक हफ्ते तक बातचीत चलने के बाद शीर्ष नगा नेतृत्व ने कहा कि वे अभी भी केंद्र की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसी क्रम में एनएससीएन-आईएम के एक नेता ने कहा कि अलग झंडे और संविधान की हमारी मांग पर हमें अभी तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
नगा नेता ने कहा कि संगठन ने मिश्रा को अपनी दो मांगों के बारे में स्पष्ट रूप से बता दिया है. दिलचस्प बात यह है कि नगालैंड के सभी संगठनों और राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार से भारत-नागा शांति वार्ता पर अंतिम समझौते की अपील की है, जो अगले साल की शुरुआत में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले 1997 से चल रही है.
ये भी पढ़ें - एनएससीएन-आईएम और गृह मंत्रालय के बीच नगा शांति वार्ता हो सकती है शुरू