नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद राज्यसभा के सदस्य कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं का अकसर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसके परिणाम 'विचित्र' हैं. सूरत की एक अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो वर्ष की कारावास की सजा सुनाई.
अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि और उसकी सजा से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 के तहत दोषी करार देकर सजा सुनाने के बाद उन्हें जमानत भी दे दी. अदालत ने साथ ही उनकी सजा के अमल पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. सिब्बल ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी को मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाई गई. कानूनी प्रक्रियाओं का अकसर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
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यह प्रक्रिया और परिणाम विचित्र है.' संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के पहले और दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे सिब्बल ने पिछले साल मई में कांग्रेस छोड़ दी थी और वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय के रूप में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे. बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोषी करार दिए जाने के बाद से कांग्रेस ने बवाल मचा हुआ है. संसद से लेकर सड़क तक पार्टी की ओर से विरोध जताया जा रहा है. पार्टी की ओर से नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया गया. देश के कई हिस्सों में भी कांग्रेस समर्थकों के द्वारा विरोध प्रदर्शन की बात सामने आई है.
(पीटीआई-भाषा)