बाड़मेर. राजस्थान की बाड़मेर जिले के कोजाराम मेगवाल हत्याकांड मामले को दलित समाज के लोग जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे 3 दिनों से धरने पर बैठे हैं. शुक्रवार शाम को प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति बन गई है. बावजूद इसके जब तक मांगें पूरी नहीं होती तक तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. पीड़ित परिवार को एक करोड़ का आर्थिक मुआवजा, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी समेत कई मांगें हैं.
दलित नेता उदाराम मेघवाल ने बताया कि प्रशासन के साथ वार्ता सकारात्मक रही है. विधायक पदमाराम मेघवाल, भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग भी शामिल हुए और हमारे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई. उन्होंने बताया कि सकारात्मक वार्ता हुई है और शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति बनी है जबकि मांगों को लेकर गतिरोध जारी है. जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक शव मोर्चरी में ही रहेगा और धरना भी जारी रहेगा.
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के निर्देशों पर भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग शुक्रवार को बाड़मेर पहुंचे और जिला अस्पताल की मोर्चरी के समक्ष चल रहे दलित समाज के धरने पर बैठे और पीड़ित परिवार और दलित समाज के लोगों से वार्ता कर जानकारी ली.
राजस्थान के बाड़मेर जिले में दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या के 48 घंटे भी शव परिवार के लोगों ने शव नहीं उठाया है. वही अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित होने वाले तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द कर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए शहर में दलित समाज के लोगों ने हाथों में जस्टिस फॉर कोजाराम लिखे बेनर लेकर मौन जुलूस निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स एहतियातन तैनात रही.
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बाड़मेर के आसाडी गांव में 40 वर्षीय दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या के मामले को लेकर दलित समाज के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है. आज बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के शुभ अवसर पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दलित समाज के लोगों ने रद्द कर दिया. उसके बाद शहर के अंबेडकर सर्किल से बड़ी संख्या में दलितों ने मौन जुलूस निकाला. जुलूस कई मुख्य मार्गों से होते हुए स्टेशन रोड पर पहुंचा जहां पर दलितों ने सड़क के बीचोंबीच पर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया. उसके बाद जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चल रहे धरने में शामिल हो गए.
अंबेडकर जयंती समारोह समिति के पूर्व संयोजक डॉ. राहुल बामणिया ने बताया कि आसाडी में कोजाराम की पीट-पीटकर निर्मम हत्या के मामले को लेकर बहुजन समाज के लोगों में काफी आक्रोश है. बाबा साहब जयंती के मौके पर अंबेडकर सर्किल से मौन जुलूस निकाला गया. दलित नेता उदाराम मेघवाल ने बताया कि अब तक प्रशासन से हुई वार्ता में कोई निर्णय नहीं निकला है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए आर्थिक मुआवजा व दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए. इसके अलावे भी कुछ अन्य मांगें हैं.
चंद्रशेखर आजाद आएंगे कल बाड़मेर : उदाराम मेघवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोजाराम की हत्या के मामले को लेकर मोर्चरी के आगे 12 अप्रैल से धरना चल रहा है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद शनिवार को बाड़मेर आएंगे.
उदाराम मेघवाल सोशल मीडिया पर मिल रही है : उदाराम मेघवाल ने बताया कि वा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें असामाजिक तत्वों द्वारा धमकियां मिल रही है. इस बात को लेकर उन्होंने प्रशासन को अवगत कराने के साथ ही उन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
48 घण्टे बाद भी नही उठाया शव : जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे पीड़ित परिवार के साथ दलित समाज के लोग बीते 48 घंटों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. दलित समाज और प्रशासन के बीच वार्ता भी हो चुकी है लेकिन मांगे पूरी नहीं होने की वजह से वार्ता सफल नही हो पाई है.
3 आरोपियों को किया डिटेन : जिला कलेक्टर लोकबंधु ने कहा कि आसाडी में जो घटना हुई वह दुखद और निंदनीय है. पुलिस ने इस प्रकरण में तीन लोगों को हिरासत में लिया है. जिला कलेक्टर ने कहा कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर जाकर ज्ञापन लिया गया और साथ ही नियमानुसार जो भी सरकारी सहायता है दिलाई जाएगी.
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त : जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे चल रहे दलित समाज के धरने को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त किए हैं. पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात किया गया है. इसके अलावे प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस प्रशासन लगातार दलित समाज के नेताओं को समझाने की कोशिश में लगी है. चुनावी साल होने की वजह से प्रशासनिक अधिकारी इस धरना प्रदर्शन को लेकर काफी सतर्क हैं.
गौरतलब है कि जिले के गिराब थाना इलाके के आसाडी गाँव मे जमीन को लेकर दो पक्षों में चल रहे पुराने विवाद में 12 अप्रैल को 40 वर्षीय कोजाराम मेघवाल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी. गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद से ही आक्रोशित दलित समाज के लोग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता और 2 सदस्यों को सरकारी नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे धरने पर बैठे हुए हैं. बता दें कि कोजाराम अपने पीछे पत्नी, चार बेटी और दो बेटों को छोड़ गए.