नई दिल्ली : श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे भारत दौरे पर हैं. राजपक्षे ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी समेत कई अन्य कैबिनेट मंत्रियों से भेंट की. राष्ट्रपति भवन में राजपक्षे का औपचारिक स्वागत किया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे की मुलाकात दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई. दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान भी जारी किया.पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि श्रीलंका सरकार तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, reconciliation की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी.
पीएम मोदी ने कहा कि मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी चर्चा की. हमारे बीच सहमति है कि हम इस मामले में रचनात्मक और मानवीय दृष्टिकोण जारी रखेंगे.
मोदी ने कहा कि आपसी सुरक्षा के लिए और आतंकवाद के विरुद्ध आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर मैंने राष्ट्रपति राजपक्ष के साथ विस्तार से चर्चा की है. प्रमुख भारतीय संस्थानों में श्रीलंका के पुलिस अधिकारी counter terrorist training प्राप्त कर रहे हैं.
मोदी ने कहा कि मेरी सरकार की 'Neighbourhood First' नीति और SAGAR doctrine के अनुरूप हम श्रीलंका के साथ अपने संबंधों को प्राथमिकता देते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको प्राप्त जनादेश एक संगठित, मजबूत और समृद्ध श्रीलंका के लिए श्रीलंका के लोगों की आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करता है. इस संबंध में भारत की शुभेच्छा और सहयोग हमेशा श्रीलंका के साथ है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि राष्ट्रपति राजपक्षे ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना और पद संभालने के दो हफ्ते के भीतर भारत में हमें उनका सम्मान करने का मौका दिया.
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श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे से मुलाकात की. इस दौरान दोनों लोगों ने राष्ट्रीय हित और द्विपक्षीय सहयोग के जैसे मुद्दों पर चर्चा की.
इस दौरान श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने कहा कि मैं अपने कार्यकाल के दौरान भारत और श्रीलंका के संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाना चाहता हूं. दोनों देश लंबे समय से मित्र है. हमें अपने लोगों के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है.
श्रीलंकाई राष्ट्रपति तीन दिन के लिए भारत यात्रा है. इस दौरान राजपक्षे दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने के तौर तरीके तलाशने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे.
दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान श्रीलंका में तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करना, हिन्द महासागर क्षेत्र में स्थिति और कारोबार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए कदम उठाये जाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
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पिछले सप्ताह भारत ने कहा था कि वह श्रीलंका के नए राष्ट्रपति के साथ काम करने को लेकर आशान्वित है और उम्मीद जताई कि यह सरकार (राजपक्षे सरकार) वहां तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करेगी.
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गौरतलब है कि हाल ही श्रीलंका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में गोटाबाया राजपक्षे राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं. राष्ट्रपति बनने के बाद उनका यह पहला भारत दौरा है.