नई दिल्ली : भारत में सीरिया के राजदूत डॉ. रियाद अब्बास ने कहा है कि भारत और सीरिया दोनों देश एक दूसरे से लाभ उठा सकते हैं. वह चाहते हैं कि सीरिया के पुनर्निर्माण में भारत उसकी मदद करे.
ईटीवी भारत ने जब अब्बास से पाकिस्तान द्वारा तुर्की के समर्थन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि तुर्की ने आतंकवाद का समर्थन करने के लिए सीरिया पर हमला किया.
डॉ. अब्बास ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जो तुर्की का समर्थन कर रहे हैं, वे आतंकवाद का भी समर्थन करते हैं.
उन्होंने कहा कि भारत में कोई आतंकवादी समूह नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम केवल भारत जैसे मजबूत देशों की बात सुनते हैं. हम सीरिया में तुर्की की आक्रामकता पर भारत के बयान की सराहना करते हैं.'
पूरे सीरियाई संकट के दौरान भारत की मानवीय सहायता पर जोर देते हुए डॉ. अब्बास ने कहा, 'हम चाहेंगे के भारतीय कम्पनियां पुनर्निर्माण में सीरिया की मदद करें. उनका मानना है कि निर्माण, कच्चा तेल, फार्मास्युटिकल जैसे और कई क्षेत्र हैं, कई ऐसे हैं, जहां दोनों देश एक दूसरे से लाभ उठा सकते हैं.'
भारत और सीरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार विनिमय 2010 से 2018 तक गिर गया, जबकि 2017 में भारत से निर्यात में सबसे कम 58 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, हालांकि, 2018 में यह निर्यात बढ़कर 172 मिलियन डॉलर पहुंच गया था.
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इस बीच, सीरियाई निर्यात 2017 में 15 मिलियन से 2018 में 9.7 मिलियन तक गिर गया.
डॉ. अब्बास ने तुर्की के राष्ट्रपति तैयब एर्दोआन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ओटोमन साम्राज्य को पुनर्जीवित करना चाहते हैं और अपने प्राकृतिक संसाधन को नियंत्रित करना चाहते हैं.
हाल ही में तुर्की और रूस दोनों उत्तर-पूर्व सीरिया में एक बफर जोन से कुर्द लड़ाकों को हटाने के लिए एक समझौता भी करने जा रहे हैं.