अमरावती (आंध्र प्रदेश) : हत्या के मामलों में आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में एसीबी ने दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. कृष्णा जिले के थोटलावल्लुरु पुलिस स्टेशन में क्रमशः सर्कल इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत एम मुक्तेश्वर राव और वाई अर्जुन ने कथित तौर पर एक हत्या के मामले में आरोपियों के परिवार के सदस्यों के नाम शामिल नहीं करने के लिए क्रमशः 12.5 लाख और 1.6 लाख की मांग करने के साथ ही उसे स्वीकार किया. गिरफ्तार पुलिस अफसरों को रिमांड पर लिया गया है.
बता दें कि 26 जुलाई को थाने में गडिकोय्या श्रीनिवास रेड्डी की हत्या के सिलसिले में अल्ला श्रीकांत रेड्डी और मिधुना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने श्रीकांत रेड्डी के पिता, मां, पत्नी और चाचा से पूछताछ की. इस डर से कि उन सभी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया जाएगा, श्रीकांत रेड्डी के पिता ने उनकी मदद के लिए वुयुरु के एक जोनाला नरेंद्र रेड्डी से संपर्क किया. इसी क्रम में नरेंद्र रेड्डी ने मुक्तेश्वर राव से बात की और सौदा किया कि श्रीकांत रेड्डी के पिता राव को 15 लाख और अर्जुन को 2 लाख का भुगतान करेंगे, क्योंकि आरोपी के परिवार के सदस्यों के नाम शामिल नहीं हों. इसके बाद, नरेंद्र रेड्डी को पैसे का भुगतान किया गया और उन्होंने बदले में दोनों पुलिस अधिकारियों को किश्तों में भुगतान किया.
इस बीच, पुच्छकायाला श्रीनिवास रेड्डी ने श्रीकांत रेड्डी के पिता से संपर्क किया और बताया कि नरेंद्र रेड्डी ने उन्हें दिए गए पैसे से एक बड़ी राशि प्राप्त की है. नरेंद्र रेड्डी, जिनके पास पुच्छकायाला के साथ समझौता करने के लिए कुछ पिछली शिकायतें थीं, इसी आधार पर एक योजना बनाई और कुछ अन्य लोगों की मदद से पुच्छकायाला की हत्या कर उसके शव को अतकुरु के पास फेंक दिया. पुच्छकायाला के लापता होने और उसके बाद हुई हत्या की जांच के दौरान पूरा मामला सामने आया.
डीजीपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं. एसीबी के डीआईजी ने जांच की जिसमें श्रीकांत रेड्डी के माता-पिता से नरेंद्र रेड्डी और सीआई और एसआई को पैसे का पता चला. अशोक कुमार ने दोनों की संलिप्तता पर दस्तावेजी साक्ष्य के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की. वहीं दोनों अधिकारियों को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है. डीजीपी वी राजेंद्रनाथ रेड्डी ने कहा कि दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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