सुकमा : रेड्डीपाल और बगुलाघाट एनीकट के बनने से किसनों को उनके खेतों तक पानी पहुंचने की काफी उम्मीद थी. लेकिन निर्माणकार्य पूरी होने से पहले ही एनीकट की बॉडीवॉल और प्रोटेक्शन वॉल पूरी तरह से धराशाई हो गई. इधर इस गुणवत्ताविहीन निर्माण के बावजूद अधिकारियों ने ठेकेदार को कंस्ट्रक्शन का 95% राशि का भुगतान कर दिया है. (Corruption in construction of anicut in Sukma )
दो बार टूटा एनीकट : जल संसाधन विभाग (Water Resources Department sukma) छिंदगढ़ ब्लॉक के रेड्डीपाल और बगुलाघाट के बीच फूल नदी पर पिछले कुछ सालों से करीब 2 करोड़ की लागत से एनीकट बनवा रहा था. लेकिन पिछले महीने हुए बारिश से एनीकट का बॉडीवॉल पानी में धराशाई हो गई. साथ ही एनीकट के दोनों तरफ बना प्रोटेक्शन वॉल भी बह गया. करीब 6 सालों से बन रहे एनीकट का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है. इसके निर्माण में करीब 2 करोड़ की राशि खर्च हो चुके हैं. इस दौरान यह एनिकट दो बार टूट चुका है.जिसके बाद अब यह किसी उपयोग का नहीं रह गया.
भ्रष्टाचार का लगा आरोप : किसानों का कहना है कि इस एनीकट को बनाने में भारी भ्रष्टाचार बरती गई है, क्योंकि पहली बार किसी एनीकट का मेन बॉडी वॉल धराशाई हुआ है. वहीं तकनीकी जानकारों का कहना है कि '' एनीकट के निर्माण में जिम्मेदार अधिकारियों ने तकनीकी मापदंडों की जमकर अनदेखी की है, इससे पहले भी इसी एनिकट की बॉडीवॉल धराशाई हुई थी. जिसको लेकर निर्माण के दौरान बरती गई अनियमितता को लेकर क्षेत्र के किसानों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई. उसके बावजूद जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया.
बारिश में बह गई एनीकट की दीवार : 2 साल पहले एनिकेट के दोनों तरफ 20 मीटर लंबा रिटेनिंग वॉल बनाई गई थी. जो नदी के बहाव में बह गए और विभाग ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की. एक बार फिर कुछ दिन पहले इस एनीकट की बॉडी वॉल और प्रोटेक्शन वॉल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. फिलहाल इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधिकारी बी.के मरकाम का कहना है कि '' उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गयी है. जो भी निर्देश मिलेंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना है कि अभी तक एनीकट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ.'' Sukma latest news