रायपुर: शहर में आज डामर रोड से ज्यादा गड्ढे और गड्ढे को भरने के लिए इस्तेमाल की गई गिट्टियों की परत दिखाई पड़ती है. राजधानी के सदर बाजार रोड, कोतवाली चौक, बूढ़ापारा, शंकर नगर मेन सिग्नल जैसी जगहों पर सड़क गिट्टी से भरा पड़ा है. गिट्टी वाली सड़क में कई गाड़ियां फंस जाती हैं. गिट्टियों के ऊपर डामरीकरण अभी तक नहीं की गई है. जिस वजह से बड़े हादसे होने की संभावना है. पिछले 6 महीने से राजधानी की सड़कों पर अमृत मिशन योजना के तहत गड्ढे किए जा रहे हैं. अंडर केबिलिंग का काम चल रहा है. लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद अभी तक गड्ढे के ऊपर डामरीकरण नहीं किया गया है. जिससे धूल और प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है. वहीं आते जाते लोग भी काफी संभल संभल कर गाड़ियां चला रहे हैं, ताकि वे हादसे से बचे सकें.
महापौर का बयान: इस विषय पर महापौर एजाज ढेबर का कहना है कि "इस बात को मैं भी मानता हूं कि की परेशानी अभी चल रही है, क्योंकि तीन स्तर पर वहां पर काम चल रहा है. पहले स्तर पर अंडर लेवल केबलिंग का काम चल रहा है. फिर स्मार्ट रोड का काम चल रहा है. जब आप कोई अच्छा काम करते हो, तो यह मान कर चलो कि शहर के लोगों को थोड़ी बहुत समस्या होती है. इस बात को मैं स्वीकार करता हूं कि शहर में पूरी तरह से सड़कें खराब हैं. धूल उड़ रहे हैं, मगर यह भी जरूरी है कि आने वाले 50 साल तक हम पानी की समस्या का समाधान कर रहे हैं. इस काम से शहर को 24 घंटे पानी मिलेगा. अभी आने वाले 1 महीने में रोड के गड्ढों को भरने का काम चालू हो जाएगा और आने वाले 2 महीने में पूरी रोड चकाचक हो जाएगी."
विपक्ष ने महापौर को घेरा: नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे का कहना है कि "पूरे शहर में गड्ढों की भरमार है. शहर की जनता स्मूथली कहीं आ जा नहीं सकती. बार-बार महापौर जी को इस बात की जानकारी दी गई है. लगभग 2 साल से श्याम टॉकिज बूढ़ा तालाब के पास सड़क का काम चल रहा है, वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है. इसमें माननीय महापौर की ओर से बहुत ही बचकाना बयान आता है कि यदि हम सुविधा देंगे तो थोड़ी दिक्कत आपको झेलनी पड़ेगी. साढ़े 3 साल से वह केवल दिक्कत ही दे रहे हैं. जब से वह सत्ता में आए हैं, दिक्कत के सिवा कुछ नहीं दिया है. अभी वह दावा कर रहे हैं कि हम एक महीने में सब चीजें सही करके देंगे, तो जो साढ़े 3 साल में आप नहीं कर पाए 1 महीने में क्या करेंगे."
सारी व्यवस्था ठप पड़ी: निगम पार्षद मनोज वर्मा का कहना है कि "विगत 2 से 3 सालों से बूढ़ा तालाब के आसपास काम चल रहा है. केवल गार्डन के पास के एरिया को बनाकर महापौर अपनी वाहवाही साबित कर रहे हैं. लेकिन जमीन से जुड़ा हुआ जो काम है. जिसमें सड़क बननी चाहिए, बस सड़क अभी तक नहीं बना पाए हैं. जहां तक गड्ढों की बात है तो अमृत मिशन का काम हो या कोई और काम. इस काम को हुए 6 महीने हो चुके हैं. केबलिंग के काम को भी हुए करीब 3 महीने बीत चुके हैं, तो डामरीकरण के काम को ज्यादा समय नहीं लगता. एक हफ्ते में सारा डामरीकरण हो जाना चाहिए. बरसात आने वाली है और कुशालपुर से लेकर लाखे नगर चौक तक के लोग उसी सड़क से आना-जाना करते हैं. पानी गिरने से वहां सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी और यह आने-जाने के लायक नहीं रहेगी."
इस तरह राययपुर में लगातार अमृत मिशन जल योजना के तहत हो रहे काम से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर धूल का गुबार है. हर कोई परेशान नजर आ रहा है.