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विश्व पर्यावरण दिवस: पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पण भाव से करें काम

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप विश्व में मनाया जाता है. इस पर्यावरण दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने जनता के नाम एक संदेश दिया है. जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पण भाव से एकजुट होकर प्रयास करने को कहा है.

governor anusiya uike
अनुसुइया उइके, राज्यपाल
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Published : Jun 4, 2020, 9:48 PM IST

रायपुर: राज्यपाल अनुसुइया उइके ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर लोगों से पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें का आह्वान किया है. साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को समर्पण भाव से एकजुट होकर प्रयास करने को कहा है.

'पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार'

राज्यपाल ने लोगों को दिए संदेश में कहा है कि पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार है. इसे हमें सहेज कर रखना होगा. प्राचीनकाल में हम पर्यावरण के महत्व को समझते थे और प्रकृति के साथ एक संतुलन की स्थिति थी, लेकिन आज के आधुनिक विकास की दौड़ में मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इससे कारण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि हम सजग रहकर पर्यावरण को बचाने का प्रयास करें.
'बच्चों को समझाए पर्यावरण का महत्व'

राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए अपने आसपास के स्थान में स्वच्छता बनाएं रखें, नदी, तालाब, पोखर को दूषित न करें. प्रदूषण रोकने और पर्यावरण को बचाने के लिए के कम से कम एक पौधा लगाएं और उनका संरक्षण भी करें. घर में बच्चों को पर्यावरण का महत्व समझाएं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाएं.

पढ़ें- SPECIAL: लॉकडाउन ने दिया मौका तो सुन ली मन की आवाज, लिख दिया 'अंर्तनाद'

क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस?

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के रूप मनाया जाता है. हर साल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दुन‍िया भर के देश आधिकारिक समारोह आयोजित करते हैं. इस साल महामारी कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के कारण लाखों लोग डिजिटल रूप से विश्व पर्यावरण दिवस मनाएंगे. भले ही मनुष्य को लॉकडाउन ने हिला कर रख दिया हो, लेकिन पर्यावरण पर लॅाकडाउन का साकारत्मक प्रभाव पड़ा है. विश्व पर्यावरण दिवस को मनाए जाने के पीछे उद्देश्य है पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना. पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया था.

रायपुर: राज्यपाल अनुसुइया उइके ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर लोगों से पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें का आह्वान किया है. साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को समर्पण भाव से एकजुट होकर प्रयास करने को कहा है.

'पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार'

राज्यपाल ने लोगों को दिए संदेश में कहा है कि पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार है. इसे हमें सहेज कर रखना होगा. प्राचीनकाल में हम पर्यावरण के महत्व को समझते थे और प्रकृति के साथ एक संतुलन की स्थिति थी, लेकिन आज के आधुनिक विकास की दौड़ में मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इससे कारण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि हम सजग रहकर पर्यावरण को बचाने का प्रयास करें.
'बच्चों को समझाए पर्यावरण का महत्व'

राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए अपने आसपास के स्थान में स्वच्छता बनाएं रखें, नदी, तालाब, पोखर को दूषित न करें. प्रदूषण रोकने और पर्यावरण को बचाने के लिए के कम से कम एक पौधा लगाएं और उनका संरक्षण भी करें. घर में बच्चों को पर्यावरण का महत्व समझाएं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाएं.

पढ़ें- SPECIAL: लॉकडाउन ने दिया मौका तो सुन ली मन की आवाज, लिख दिया 'अंर्तनाद'

क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस?

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के रूप मनाया जाता है. हर साल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दुन‍िया भर के देश आधिकारिक समारोह आयोजित करते हैं. इस साल महामारी कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के कारण लाखों लोग डिजिटल रूप से विश्व पर्यावरण दिवस मनाएंगे. भले ही मनुष्य को लॉकडाउन ने हिला कर रख दिया हो, लेकिन पर्यावरण पर लॅाकडाउन का साकारत्मक प्रभाव पड़ा है. विश्व पर्यावरण दिवस को मनाए जाने के पीछे उद्देश्य है पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना. पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया था.

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