बिलासपुर: नए जिले की घोषणा के बाद भूमाफिया की नजर जिले में खाली पड़े जमीनों पर टिकी हुई है. भूमाफिया जमीन की आड़ में आस-पास राजस्व भूमि और गरीब आदिवासियों की भूमि पर भी कब्जा कर रहे हैं. ऐसा ही मामला गौरेला ब्लॉक के तौली गांव में सामने आया है. जहां रसूखदारों ने प्रशासन से अनुमति लिए बेगैर दर्जनों हरे-भरे पेड़ काट दिए. प्रशासन को मामले की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे जहां पर भूमाफिया के लोगों ने राजस्व अधिकारी से बदसलूकी की. वहीं अब मामले में उच्चाधिकारी जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं.
भूमाफिया के लोगों ने की तहसीलदार के साथ बदसलूकी
मामला पेंड्रारोड अनुविभाग का है जहां राजस्व विभाग की जमीन पर लगे हरे भरे पेड़ को भूमाफिया ने काट डाला. जिसकी सूचना राजस्व विभाग को मिली. जब राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वहां उनसे बदसलूकी की गई. इसी का फायदा उठा कर मौके पर पेड़ों की कटाई में लगे जेसीबी और ट्रैक्टर चालक अपने वाहन को लेकर वहां से भाग निकले
कड़ी कार्रवाई करने की बात
मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और आला अधिकारी इस मामले में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं
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बता दें कि जहां एक ओर प्रतिवर्ष वृक्षारोपण के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किया जाता है. तो वहीं जागरूकता अभियान चलाकर पेड़ और जंगलों को बचाने के दावे किए जाते हैं. लेकिन सैंकड़ों फलदार वृक्ष कट गए और हमेशा की तरह प्रशासन के अलर्ट होते तक सब तबाह हो गया. अब देखने वाली बात यह होगी कि आश्वासन के बाद आरोपियों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करती है.