बिलासपुर: बिलासपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सौम्या की ओर से लगाई गई याचिका में मंगलवार को सुनवाई पूरी नहीं हो पाई. अब इस मामले में 12 अप्रैल 2023 को अगली सुनवाई होगी. पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य के कोल माफिया और राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों के घर, दफ्तर और उनके ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी. इस छापामार कार्रवाई में ईडी ने कई अधिकारियों की गिरफ्तारी भी की गई थी. राज्यसेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया को भी मनी लांड्रिंग केस के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था, तब से वह रायपुर की जेल में बंद हैं.
'राजनैतिक द्वेष से ईडी ने की करवाई': सौम्या चौरसिया के वकील सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट कपिल सिब्बल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा. उन्होंने ने बताया कि "सौम्या चौरसिया ने अपनी याचिका में कोर्ट को जानकारी दी कि उनके ठिकानों पर ईडी ने 3-3 बार छापे मारे. कार्रवाई में ईडी को कुछ भी हासिल नहीं हुआ, जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया जाता. बावजूद इसके ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया. दरअसल उन पर मामले में राजनीतिक द्वेष की वजह से कार्रवाई की गई है. इसलिए कोर्ट से सौम्या ने मांग किया कि उन पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं, उन्हें खारिज किया जाए."
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मामले की सुनवाई नहीं हुई है पूरी: गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया ने रायपुर की अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की थी. रायपुर कोर्ट ने सौम्या केस में सुनवाई के बाद आवेदन खारिज कर दिया था. सौम्या चौरसिया ने आवेदन खारिज होने पर हाई कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी. जमानत याचिका दायर होने के बाद हाई कोर्ट में याचिका की सुनवाई लगातार तीन दिन तक चली, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो पाई.