सरगुजा: अम्बिकापुर शहर के लगभग 4 से 5 वार्ड ऐसे हैं, जिसके बीच से होकर नहर गुजरती है. कभी ये क्षेत्र ग्रमीण और कृषि प्रधान हुआ करता था. तब यह नहर खेत में सिंचाई के लिए बनाई गई थी. बांकी डैम का पानी इसमें से छोड़ा जाता था. लेकिन बीते 20 वर्षों में धीरे-धीरे यहां लोग आकर बसने लगे. ग्राम पंचायत के कई क्षेत्र नगर निगम में समाहित कर लिए गये. अब इस नहर की उपयोगिता भी खत्म हो चुकी है, लेकिन नहर में गंदगी और कचरे का अंबार लग चुका है. कई स्थानों पर नहर पूरी तरह पट चुकी है. इतना ही नहीं आसपास के लोग गंदगी और मच्छरों से परेशान हैं.
हाल ही में ईटीवी भारत ने इस खबर को दिखाया था. अब ETV भारत की खबर का असर देखने को मिल रहा है. शहर वासियों की समस्या को लेकर दिखाई गई खबर के बाद अब समस्या को दूर करने की दिशा में पहल की जा रही है. शहर के 5 वार्डों से होकर गुजरने वाले नाले में अब अंडरग्राउंड सीवरेज और केनाल रोड का प्रस्ताव शासन(
Underground sewerage and canal road proposal) को भेजने की कवायद की जा रही है.
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जल्द हो सकता है समाधान
ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद (Shafi Ahmed Chairman Labor Welfare Board) ने बताया की जिला प्रशासन से उनकी इस संबंध में बात हुई है. एरिगेशन, नगर निगम और ENDM सभी के सामूहिक प्रयास से इस समस्या का समाधान करने को कहा गया है. क्योंकि यह एक बड़े क्षेत्र को प्रभावित करता है. नहर उपयोग में नहीं है, जिससे उसमें गंदगी फैलती है. इससे स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे अंक भी कट गये.अब अंडर ग्राउंड सीवरेज के अंक भी मिलेंगे. तो इस नहर में अंडर ग्राउंड सीवरेज लगाया जा सकता (Underground sewerage and canal road in Ambikapur) है और उसके उपर सड़क और गार्डन बनाकर शहर को खूबसूरत बनाया जा सकता है. इसके लिये प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा (underground sewerage canal road in Ambikapur) जायेगा.
नहर अनुपयोगी हो चुका है
कहा जाता है कि, कभी ग्राम पंचायत रहे नवागढ़, श्रीगढ़, घुटरापरा, महामाया पारा अब ये सब अम्बिकापुर नगर निगम का हिस्सा हैं. इस क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22, 23, 40 और 41 के बीच से एक नहर गुजरती है. जब इस नहर को बनाया गया, तब इसका उद्देश्य किसानों के खेतों में पानी देना था. हालांकि बदलते वक्त के साथ खेत नहीं बचे और इस पूरे क्षेत्र में घनी आबादी की बसाहट हो गई. नहर में वर्षों से कभी पानी भी नहीं छोड़ा गया. क्योंकि बांकी डैम का पानी अम्बिकापुर नगर निगम को पेयजल आपूर्ति करता था. इसका जल कृषि कार्य के लिए नही छोड़ा जा रहा है. लिहाजा यह नहर अनुपयोगी हो चुकी है. अब इतनी बड़ी नहर जो नगर निगम क्षेत्र में ही करीब 7 किलोमीटर लंबी है. यह खैरबार से लेकर रायगढ़ रोड नेशनल हाइवे तक मिलती है. लेकिन नहर के किनारे बसे लोगों के लिये नहर फजीहत बन चुकी है. लोगों ने ही इसे गंदा किया. नहर में कचरा पाट दिया.इसमें कई छोटी नालियों का पानी भी जाने लगा आलम यह है कि कई जगह तो नहर पूरी पट चुकी है.
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मेयर ने कही थी समाधान की बात
जब ईटीवी ने खबर बनाई थी तब मेयर अजय तिर्की (Mayor Ajay Tirkey) ने भी कहा था कि नहर की समस्या के स्थायी समाधान के लिये शासन को केनाल रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा जायेगा. जाहिर है कि इस 7 किलोमीटर की नहर के नीचे से पाइप लाइन बिछाकर अगर ऊपर सड़क बना दी जाये तो शहर के इस क्षेत्र का स्वरूप बदल जायेगा. इससे नहर के किनारे बसी स्लम बस्तियां भी गुलजार हो जाएंगी. इस केनाल रोड से ना सिर्फ एक आउट साइड सड़क शहर के ट्रैफिक कंट्रोल करने में सहायक होगी. बल्कि एक बड़े क्षेत्रफल की सुंदरता बढ़ जायेगी और केनाल रोड के किनारे बसे लोगों के लिये रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो सकेंगे.
शफी अहमद ने अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम बनाने की बात कही
अब इस दिशा में श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद ने अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम लगाने की बात कही है. बहरहाल ये काम कब तक होगा शासन को प्रस्ताव तो चला जायेगा लेकिन स्वीकृति कब मिलेगी. यह नहीं कहा जा सकता. लेकिन अगर यह काम हो गया तो अम्बिकापुर शहर की खूबसूरती, स्वच्छता, और यातायात में चार चांद लग जाएंगे.