सरगुजा: पिछले कुछ दिनों से हाथी काफी तबाही मचाए हुए है. इसमें जन और धन हानि दोनों शामिल है. बुधवार को हाथियों के एक दल ने 3 लोगों को कुचल (Elephants crushed to 3 people) दिया. जिसमे महिला, पुरुष सहित एक छोटा बच्चा भी शामिल है. परिवार उदयपुर से कुन्नी जा रहा था. इसी दौरान हाथियों ने इन्हें अपना शिकार बना डाला.
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गौतम दास अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अपनी स्कूटी में सवार होकर कैशपार माइक्रो फाइनेन्स से 30 हजार रुपये निकाल कर वापस आ रहा था. इसी दौरान अलकापुरी से मोहनपुर चौक के पास हाथियों ने स्कूटी सवार परिवार को कुचल दिया. महिला और बच्चे को 100 मीटर दूर तक फुटबाल कि तरह खेलते हुए जंगल में फेंक दिया. घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. वन अमला निगरानी में जुटा है. लोगों की बढ़ती भीड़ हाथियों को और उग्र कर रही है.
हाथी और इंसान का द्वंद सरगुजा में नया नहीं है. रियासतकाल से यह द्वंद चल रहा है. हालांकि रियासती कानून के अनुसार राजा हाथियों पर काबू पा जाते थे और जनहानि नहीं होती थी. लेकिन आजाद भारत के नये कानून में तमाम योजनाओं और प्रयासों के बाद वन विभाग ना हाथियों से इंसान को बचा पा रहा है और ना ही इंसानों से हाथियों का संरक्षण करने में सफल हो रहा है. परिणाम स्वरूप दर्दनाक हादसे आये दिन होते रहते हैं.
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पटाखा फोड़ने से हाथी हुए उग्र, एक ही परिवार के 3 सदस्यों को उतारा मौत के घाट
6 महीने में 14 मौत
मार्च 2021 से अब तक सरगुजा वन वृत्त में 4 हाथियों और 11 इंसानों की मौत हुई. आज की 3 मौत के बाद यह आंकड़ा 14 हो जायेगा. इंसानों की मौत पर 60 लाख 25 हजार रुपये मुआवजा वितरित किया गया है. हाथियों के हमले में 3 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें 1 लाख 27 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है. वहीं हाथियों द्वारा फसल क्षति के 1330 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें 49 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है. हाथियों ने इन दिनों 290 घरों को क्षतिग्रस्त किया है. जिसमें पीड़ितों को 81 लाख 80 हजार रुपये वितरित किये गए हैं.