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समस्तीपुर की दोनों सीटों पर जीते पुराने सांसद, 2014 के वादों को अब करेंगे पूरा! - nityanand rai

समस्तीपुर सुरक्षित और उजियारपुर लोकसभा सीटों पर रामचंद्र पासवान व नित्यानंद राय अपनीं दूसरी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं.

रामचंद्र पासवान और नित्यानंद राय
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Published : May 25, 2019, 10:54 PM IST

समस्तीपुर: केंद्र में मोदी रिटर्न्स की तरह ही जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर पुराने सांसदों ने ही वापसी की है. इन दोनों सांसदों के कई बड़े वादे बीते पांच वर्षों में धरातल पर साकार नहीं हो सके. अब ऐसे में लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं तो क्या यह जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे.

समस्तीपुर सुरक्षित और उजियारपुर लोकसभा सीटों पर रामचंद्र पासवान व नित्यानंद राय अपनीं दूसरी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं. अगर इनके बीते सफर और जनता से बड़े वादों की बात की जाये तो जिले के दोनों लोकसभा क्षेत्र में 2014 के जंग में बंद और नए उद्योग, किसानों की समस्या और युवाओं की सभी आकांक्षाओं को पूरा करने का वादा किया गया था.

संवाददाता अमित की रिपोर्ट.

इन मुद्दों पर होगा काम
देखते ही देखते पांच साल भी बीत गये और इस बार भी दोनों ने नई पारी की शुरूआत की. अब ऐसे में समस्तीपुर सुरक्षित क्षेत्र में क्या नए उद्योग चालू होंगे. या फिर बंद मीलें चालू होंगी. सूखे व बाढ़ से बेहाल किसानों की समस्या का कोई समाधान निकलेगा. इन जैसे तमाम सवाल यहां हैं.

मोदी मैजिक का कमाल
वैसे 2014 के सपने को फिर बेच कर 2019 में सफल हुए इन सांसदों को यह बखूबी पता है कि, इस जीत के पीछे मोदी मैजिक रहा है. यहां की जनता को अपने इन सांसदों पर भले भरोसा हो न हो, लेकिन उन्हें यह उम्मीद है कि, पीएम मोदी के जरिये, ये सांसद उनके क्षेत्र के विकास का माध्यम बन सकते हैं.

समस्तीपुर: केंद्र में मोदी रिटर्न्स की तरह ही जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर पुराने सांसदों ने ही वापसी की है. इन दोनों सांसदों के कई बड़े वादे बीते पांच वर्षों में धरातल पर साकार नहीं हो सके. अब ऐसे में लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं तो क्या यह जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे.

समस्तीपुर सुरक्षित और उजियारपुर लोकसभा सीटों पर रामचंद्र पासवान व नित्यानंद राय अपनीं दूसरी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं. अगर इनके बीते सफर और जनता से बड़े वादों की बात की जाये तो जिले के दोनों लोकसभा क्षेत्र में 2014 के जंग में बंद और नए उद्योग, किसानों की समस्या और युवाओं की सभी आकांक्षाओं को पूरा करने का वादा किया गया था.

संवाददाता अमित की रिपोर्ट.

इन मुद्दों पर होगा काम
देखते ही देखते पांच साल भी बीत गये और इस बार भी दोनों ने नई पारी की शुरूआत की. अब ऐसे में समस्तीपुर सुरक्षित क्षेत्र में क्या नए उद्योग चालू होंगे. या फिर बंद मीलें चालू होंगी. सूखे व बाढ़ से बेहाल किसानों की समस्या का कोई समाधान निकलेगा. इन जैसे तमाम सवाल यहां हैं.

मोदी मैजिक का कमाल
वैसे 2014 के सपने को फिर बेच कर 2019 में सफल हुए इन सांसदों को यह बखूबी पता है कि, इस जीत के पीछे मोदी मैजिक रहा है. यहां की जनता को अपने इन सांसदों पर भले भरोसा हो न हो, लेकिन उन्हें यह उम्मीद है कि, पीएम मोदी के जरिये, ये सांसद उनके क्षेत्र के विकास का माध्यम बन सकते हैं.

Intro:केंद्र में मोदी रिटर्न्स के तरह ही जिले के दोनों लोकसभा सीटों पर पुराने सांसद ने ही वापसी की है । सवाल जो वादे 2014 में हुए कुछ वैसे ही वैसे ही 2019 में भी । वैसे विडंबना है की , इन दोनों सांसदों के कई बड़े वादे बीते पांच वर्षों में धरातल पर साकार नही हो सका । तो क्या अब इसी नई पारी में जनता के उम्मीद पर खड़ा उतर पायेंगे ये दोनों सासंद ।


Body:समस्तीपुर सुरक्षित व उजियारपुर लोकसभा सीटों पर रामचंद्र पासवान व नित्यानंद राय अपनीं दूसरी पारी की शुरुआत करने जा रहे है । अगर इनके बीते सफर व जनता से बड़े वादों की बात की जाये तो , जिले के दोनों लोकसभा क्षेत्र में 2014 के जंग में बंद व नए उधोग , किसानों की समस्या व युवाओं की सभी आकांक्षाओं को पूरा करने का वादा हुआ था । पांच साल बीते , इनके नई पारी की शुरुआत भी हुई , लेकिन यह सभी मांग व समस्या जस की तस बनी हुई है । समस्तीपुर सुरक्षित क्षेत्र में नए उधोग क्या चालू कई बड़ी मिल बन्द हो गयी । सूखे व बाढ़ से बेहाल किसानों के समस्या का कोई भी समाधान नही निकाला गया । युवाओं से किये वादों में से एक भी वादा जमीन पर नही साकार हुआ । मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज तो जाने दे , एक आईटीआई तक नही खोले गए । इस लोकसभा की भांति ही उजियारपुर लोकसभा का हाल रहा । जर्जर सड़क व आर्सेनिक पानी से मुक्ति एक बड़ा मुद्दा था , लेकिन 2019 में नई पारी की शुरुआत तक यह वादे , वादे ही बन कर रह गए । सरकारी नलकूप योजना का हाल इस क्षेत्र में सबसे बेहाल है । करोड़ो खर्च करने के वावजूद नून नदी सिचाई परियोजना को धरातल पर नही उतार सके यंहा के सांसद । वंही उच्च शिक्षा का हाल बेहाल ही रह गया । इस क्षेत्र में गर्ल्स कॉलेज खोलने व मेडिकल कॉलेज को लेकर किये वादे , 2014 से अब तक साकार नही हुआ । वैसे अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करने वाले इन सांसदों ने अपनी जीत का श्रेय विकास को देना नही भूले थे ।

बाईट - नित्यानंद राय , सांसद , उजियारपुर । (फाईल )
बाईट - रामचंद्र पासवान , सांसद , समस्तीपुर ।(फ़ाइल)




Conclusion:वैसे 2014 के सपने को फिर बेच कर 2019 में सफल हुए इन सांसदों को यह वखूबी पता है की , इस जीत के पीछे मोदी मैजिक रहा है । यंहा के जनता को अपने इन सांसदों पर भले भरोसा हो न हो , लेकिन उन्हें यह उम्मीद है की , पीएम मोदी के जरिये , ये सांसद उनके क्षेत्र के विकास का माध्यम बन सकते है ।

ब्रीफ क्लोजिंग पीटीसी ।
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