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रोहतास: लॉकडाउन में आम उत्पादक किसानों की टूटी कमर, सरकार से लगाई मदद की गुहार - Increased problem of mango growers

किसानों का कहना है कि इस समय हम लोगों को कई परेशानियां एक साथ झेलनी पड़ रही हैं. आए दिन चल रही आंधी-तूफानों से आम के फल गिर जा रहे हैं. फलों को तोड़ने के लिए कुशल मजदूरों का नहीं मिलना साथ ही आम को मंडी में ले जाने में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं.

रोहतास
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Published : May 18, 2020, 8:18 PM IST

रोहतास: कोविड-19 महामारी को लेकर जारी देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है. लॉकडाउन के दौरान कई प्रकार की समस्याएं सामने आ चुकी हैं. इसी क्रम में लॉकडाउन का दंश इलाके के आम उत्पादक किसान भी झेल रहे हैं.

दरअसल, जिले के आम उत्पादक किसान इन दिनों खासे परेशान हैं. पिछले साल आम उत्पादकों के अरमानों पर बारिश ने पानी फेर दिया था. वहीं, इस बार ये जिम्मेदारी बेतहाशा चल रही आंधी और तूफानों ने उठा रखा है. लिहाजा ऐसे संकट की घड़ी में किसानों की कमर टूट गई है.

रोहतास
अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फॉर्म स्थित बगीचा

रोहतास जिले के अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फॉर्म में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं. आम के पेड़ों से आम टूटना शुरू हो गया है, लेकिन लॉकडाउन के कारण कुशल मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं. वहीं, गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. आम उत्पादन करने वाले किसानों का कहना है कि लॉकडाउन ने इस बार उन्हें बेबस कर दिया है.

रोहतास
आम उत्पादक किसान

ज्यादातर बाजार बंद होने से बिक्री में समस्या
किसानों का कहना है कि इस समय हम लोगों को कई परेशानियां एक साथ झेलनी पड़ रही हैं. आए दिन चल रही आंधी-तूफानों से आम के फल गिर जा रहे हैं. फलों को तोड़ने के लिए कुशल मजदूरों का न मिलना साथ ही आम को मंडी में ले जाने में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं. ज्यादातर बाजार बंद है. जिस कारण आम की बिक्री भी नहीं हो पा रही है.

ईटीवी भारत की रिपोर्ट

सरकार से मदद की गुहार
बता दें कि अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फार्म में आम का सबसे बड़ा बगीचा है. इस बगीचे में लगभग हजार से ज्यादा पेड़ मौजूद हैं और यहां से आम बगल के भोजपुर आदि कई जिलों में बिकने के लिए जाते हैं. लेकिन इस बार आंधी ने किसानों को लगभग 7 से 8 लाख का नुकसान करा दिया है. ऐसे में आम उत्पादन करने वाले किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

रोहतास: कोविड-19 महामारी को लेकर जारी देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है. लॉकडाउन के दौरान कई प्रकार की समस्याएं सामने आ चुकी हैं. इसी क्रम में लॉकडाउन का दंश इलाके के आम उत्पादक किसान भी झेल रहे हैं.

दरअसल, जिले के आम उत्पादक किसान इन दिनों खासे परेशान हैं. पिछले साल आम उत्पादकों के अरमानों पर बारिश ने पानी फेर दिया था. वहीं, इस बार ये जिम्मेदारी बेतहाशा चल रही आंधी और तूफानों ने उठा रखा है. लिहाजा ऐसे संकट की घड़ी में किसानों की कमर टूट गई है.

रोहतास
अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फॉर्म स्थित बगीचा

रोहतास जिले के अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फॉर्म में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं. आम के पेड़ों से आम टूटना शुरू हो गया है, लेकिन लॉकडाउन के कारण कुशल मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं. वहीं, गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. आम उत्पादन करने वाले किसानों का कहना है कि लॉकडाउन ने इस बार उन्हें बेबस कर दिया है.

रोहतास
आम उत्पादक किसान

ज्यादातर बाजार बंद होने से बिक्री में समस्या
किसानों का कहना है कि इस समय हम लोगों को कई परेशानियां एक साथ झेलनी पड़ रही हैं. आए दिन चल रही आंधी-तूफानों से आम के फल गिर जा रहे हैं. फलों को तोड़ने के लिए कुशल मजदूरों का न मिलना साथ ही आम को मंडी में ले जाने में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं. ज्यादातर बाजार बंद है. जिस कारण आम की बिक्री भी नहीं हो पा रही है.

ईटीवी भारत की रिपोर्ट

सरकार से मदद की गुहार
बता दें कि अकोढ़ी गोला स्थित बाघ फार्म में आम का सबसे बड़ा बगीचा है. इस बगीचे में लगभग हजार से ज्यादा पेड़ मौजूद हैं और यहां से आम बगल के भोजपुर आदि कई जिलों में बिकने के लिए जाते हैं. लेकिन इस बार आंधी ने किसानों को लगभग 7 से 8 लाख का नुकसान करा दिया है. ऐसे में आम उत्पादन करने वाले किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

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