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सावन की पहली सोमवारी विशेष: देखिए किस तरह कहां पर की गयी बाबा भोलेनाथ की पूजा - Worship of Lord Shiva in Patna

कोरोना संक्रमण को लेकर सभी शिव मंदिरो में ताले लगे हैं. लेकिन श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट पर ही जलाभिषेक कर भगवान से कोरोना को खत्म करने की प्राथना की.

मंदिर के बाहर प्रथना करते श्रद्धालु
मंदिर के बाहर प्रथना करते श्रद्धालु
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Published : Jul 6, 2020, 12:42 PM IST

पटनाः आज सावन की पहली सोमवारी है. सावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है. लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सावन महीने की रौनक इस बार फिकी रहेगी.

बिहार में भी कोरोना संक्रमण को बढ़ते आंकड़ों को देखकर शिवालयों में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों में शिव मंदिरों को बंद कर दिया गया है.

पटना में मंदिर के गेट पर श्रद्धालु कर रहे जलाभिषेक
आज से पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो गई है. लेकिन शिवालयों में जलाभिषेक के साथ श्रावणी मेले के आयोजन पर भी पाबंदी है. इस बार देवघर के बाबा धाम मंदिर में भी पूजा अर्चना संभव नहीं हो पाएगी. राजधानी के सभी बड़े और छोटे शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ पर भक्त जलाभिषेक नहीं कर पा रहे हैं. श्रद्धालु मंदिर के गेट पर ही जलाभिषेक कर रहे हैं.

पटना से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

पटना के खाजपुरा शिव मंदिर, बोरिंग रोड चौराहा स्थित शिव मंदिर, कंकड़बाग पंच शिव मंदिर के साथ-साथ पटना महावीर मंदिर में पट बंद कर दिए गए हैं. इन सभी मंदिरों में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक है. पटना की महावीर मंदिर में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. महावीर मंदिर न्यास के सचिव की तरफ से कहा है गया है कि पूरे मंदिर में कहीं भी सामान्य भक्त भीड़ में एकत्र होकर पूजा पाठ नहीं करेंगे.

मंदिर के बाहर प्राथना करते श्रद्धालु
मंदिर के बाहर प्राथना करते श्रद्धालु

बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में नहीं दिखी श्रद्धालुओं की भीड़
वहीं, पटना से सटे बिहटा स्थित अति प्राचीन बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी. महामारी को देखते हुए बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में भी मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से मंदिर में पूजा करने पर रोक लगा दी गई है. बाहर से ही लोगों को पूजा करने दी जा रही है. सावन की पहली सोमवारी में इस मंदिर में हजारों की संख्या में भीड़ देखने को मिलती थी, लेकिन इस साल इस कोरोना वायरस की वजह से भीड़ नहीं दिख रही है.

बिहटा से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

हालांकि मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों के लिए बाहर से ऑनलाइन और टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन के लिए लगाया गया. लेकिन इक्का-दुक्का लोग ही बाहर से पूजा करके घर जा रहे हैं. भक्तों में थोड़ी मायूसी तो है लेकिन इस महामारी को हराने के लिए इस फैसले को स्वागत कर रहे हैं. मंदिर के पुजारी नवल किशोर गिरी ने बताया कि मेरे जीवन काल में ऐसा कभी नहीं हुआ.

टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन
टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन

छपरा में भी मंदिरों को रखा गया बंद
उधर छपरा में भी तमाम मंदिरों को कोरोना महामारी को देखते हुवे बन्द रखा गया है. मंदिरों में सिर्फ पुजारी पूजा करेंगे. लेकिन श्रद्धालु जो जहां हैं वह गांव में ही छोटे शिवालय में भगवान को जलाभिषेक कर रहे हैं. लेकिन श्रद्धालुओं ने मंदिर पर भीड़ नहीं लगाया. मंदिर के पुजारी अशोक ने बताया कि मंदिर संचालक की तरफ से पहले ही मीटिंग करके सभी ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई है कि यहां सोमवारी को लोग भीड़ ना लगाएं.

छपरा से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

ये भी पढ़ेंः सावन की पहली सोमवारी: शिवालयों के बंद होने पर दरवाजे पर श्रद्धालु कर रहे जलाभिषेक

बेगूसराय में भी बंद हैं शिव मंदिर
बेगूसराय जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद भगवान भोलेनाथ की आस्था भारी दिख रही है. सरकार और प्रशासन की ओर से तमाम बंदिशों के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सावन की प्रथम सोमवारी के अवसर पर विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान किया. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मंदिरों को बंद रखा गया. लोगों ने मंदिर के बाहर से ही भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण किया.

बेगूसराय से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
वहीं, पहली सोमवारी पर बेगूसराय के सिमरिया, झमटिया, सहित विभिन्न गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण किया. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा. सभी जगह मंदिर प्रशासन की तरफ से मंदिर के कपाट को बंद रखा गया था फिर भी लोग गंगा स्नान के बाद बाहर से ही जल अर्पण करते दिखे. स्थानीय लोगों की मानें तो इस बार श्रद्धालुओं में भारी कमी देखी जा रही है. लेकिन श्रद्धालुओं ने बताया कि लोगों के मन में यह विश्वास है कि सावन में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से कोरोनावायरस की समाप्ति हो जाएगी.

सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग
सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग

कोरोना ने भक्तों को भोलेनाथ से किया दूर
बता दें कि इस बार सावन महीने में कुल 5 सोमवारी की पूजा होगी. 3 अगस्त को सावन महीने का अंत भी सोमवारी से ही होगा. सावन महीने में शिव मंदिर के अंदर पूजा भक्तों की भीड़ ना हो इसलिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं. हालांकि शिवालयों को सजा दिया गया है, लेकिन मंदिर में लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी गई है. जाहिर है कोरोना काल ने भक्तों को सावन महीने में बाबा भोलेनाथ से दूर कर दिया है.

आदेश पत्र
आदेश पत्र

पटनाः आज सावन की पहली सोमवारी है. सावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है. लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सावन महीने की रौनक इस बार फिकी रहेगी.

बिहार में भी कोरोना संक्रमण को बढ़ते आंकड़ों को देखकर शिवालयों में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों में शिव मंदिरों को बंद कर दिया गया है.

पटना में मंदिर के गेट पर श्रद्धालु कर रहे जलाभिषेक
आज से पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो गई है. लेकिन शिवालयों में जलाभिषेक के साथ श्रावणी मेले के आयोजन पर भी पाबंदी है. इस बार देवघर के बाबा धाम मंदिर में भी पूजा अर्चना संभव नहीं हो पाएगी. राजधानी के सभी बड़े और छोटे शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ पर भक्त जलाभिषेक नहीं कर पा रहे हैं. श्रद्धालु मंदिर के गेट पर ही जलाभिषेक कर रहे हैं.

पटना से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

पटना के खाजपुरा शिव मंदिर, बोरिंग रोड चौराहा स्थित शिव मंदिर, कंकड़बाग पंच शिव मंदिर के साथ-साथ पटना महावीर मंदिर में पट बंद कर दिए गए हैं. इन सभी मंदिरों में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक है. पटना की महावीर मंदिर में जलाभिषेक पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. महावीर मंदिर न्यास के सचिव की तरफ से कहा है गया है कि पूरे मंदिर में कहीं भी सामान्य भक्त भीड़ में एकत्र होकर पूजा पाठ नहीं करेंगे.

मंदिर के बाहर प्राथना करते श्रद्धालु
मंदिर के बाहर प्राथना करते श्रद्धालु

बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में नहीं दिखी श्रद्धालुओं की भीड़
वहीं, पटना से सटे बिहटा स्थित अति प्राचीन बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी. महामारी को देखते हुए बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में भी मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से मंदिर में पूजा करने पर रोक लगा दी गई है. बाहर से ही लोगों को पूजा करने दी जा रही है. सावन की पहली सोमवारी में इस मंदिर में हजारों की संख्या में भीड़ देखने को मिलती थी, लेकिन इस साल इस कोरोना वायरस की वजह से भीड़ नहीं दिख रही है.

बिहटा से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

हालांकि मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों के लिए बाहर से ऑनलाइन और टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन के लिए लगाया गया. लेकिन इक्का-दुक्का लोग ही बाहर से पूजा करके घर जा रहे हैं. भक्तों में थोड़ी मायूसी तो है लेकिन इस महामारी को हराने के लिए इस फैसले को स्वागत कर रहे हैं. मंदिर के पुजारी नवल किशोर गिरी ने बताया कि मेरे जीवन काल में ऐसा कभी नहीं हुआ.

टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन
टीवी के जरिए बाबा विश्वनाथ शिवलिंग दर्शन

छपरा में भी मंदिरों को रखा गया बंद
उधर छपरा में भी तमाम मंदिरों को कोरोना महामारी को देखते हुवे बन्द रखा गया है. मंदिरों में सिर्फ पुजारी पूजा करेंगे. लेकिन श्रद्धालु जो जहां हैं वह गांव में ही छोटे शिवालय में भगवान को जलाभिषेक कर रहे हैं. लेकिन श्रद्धालुओं ने मंदिर पर भीड़ नहीं लगाया. मंदिर के पुजारी अशोक ने बताया कि मंदिर संचालक की तरफ से पहले ही मीटिंग करके सभी ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई है कि यहां सोमवारी को लोग भीड़ ना लगाएं.

छपरा से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

ये भी पढ़ेंः सावन की पहली सोमवारी: शिवालयों के बंद होने पर दरवाजे पर श्रद्धालु कर रहे जलाभिषेक

बेगूसराय में भी बंद हैं शिव मंदिर
बेगूसराय जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद भगवान भोलेनाथ की आस्था भारी दिख रही है. सरकार और प्रशासन की ओर से तमाम बंदिशों के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सावन की प्रथम सोमवारी के अवसर पर विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान किया. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मंदिरों को बंद रखा गया. लोगों ने मंदिर के बाहर से ही भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण किया.

बेगूसराय से ईटीवी भारत की रिपोर्ट

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
वहीं, पहली सोमवारी पर बेगूसराय के सिमरिया, झमटिया, सहित विभिन्न गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण किया. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा. सभी जगह मंदिर प्रशासन की तरफ से मंदिर के कपाट को बंद रखा गया था फिर भी लोग गंगा स्नान के बाद बाहर से ही जल अर्पण करते दिखे. स्थानीय लोगों की मानें तो इस बार श्रद्धालुओं में भारी कमी देखी जा रही है. लेकिन श्रद्धालुओं ने बताया कि लोगों के मन में यह विश्वास है कि सावन में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से कोरोनावायरस की समाप्ति हो जाएगी.

सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग
सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग

कोरोना ने भक्तों को भोलेनाथ से किया दूर
बता दें कि इस बार सावन महीने में कुल 5 सोमवारी की पूजा होगी. 3 अगस्त को सावन महीने का अंत भी सोमवारी से ही होगा. सावन महीने में शिव मंदिर के अंदर पूजा भक्तों की भीड़ ना हो इसलिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं. हालांकि शिवालयों को सजा दिया गया है, लेकिन मंदिर में लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी गई है. जाहिर है कोरोना काल ने भक्तों को सावन महीने में बाबा भोलेनाथ से दूर कर दिया है.

आदेश पत्र
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