पटना: राजधानी के बीआईए सभागार में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की प्रासंगिकता के विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ. इस मौके पर जेडीयू के पूर्व राज्यसभा सांसद पवन वर्मा मौजूद रहे. सभा को संबोधित करते हुए पवन वर्मा ने कार्यक्रम से संबंधित बातों के साख-साथ सीएए और एनआरसी पर भी बयान दिया.
पवन वर्मा ने कहा कि उनका मानना है कि सीएए और एनआरसी असंवैधानिक है, हालांकि ये मामला कोर्ट में है. उन्होंने कहा कि वो मानते हैं कि सीएए असंवैधानिक होने के साथ-साथ अलोकतांत्रिक और देश के सामाजिक शांति और भाईचारा के खिलाफ है.
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जेडीयू नेता ने कहा कि सीएए और एनआरसी को अलग-अलग देखने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों को एक साथ देखने की जरूरत है. बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. जेडीयू ने सीएए पर केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान किया था. लेकिन, पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ बोल रहे हैं. बीते दिनों उन्होंने कहा कि था कि अगर मैं राज्यसभा सांसद होता तो, मैं सीएए पर पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करता.
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NRC पर असम का हाल
असम का उदाहरण देते हुए पवन वर्मा ने कहा कि वहां 3 करोड़ लोगों के लिए एनआरसी हुआ, जिसके लिए 10 साल प्रैक्टिस की गई. लेकिन, जब लिस्ट सामने आया तो उसमें 19 लाख लोगों का लिस्ट में नाम नहीं मिला. जिसमें 14 लाख हिंदू थे. पवन वर्मा ने कहा कि असम में वहां की बीजेपी सरकार ने भी एनआरसी को नहीं माना. उन्होंने कहा कि एनआरसी से गरीबों को परेशानी होगी और सरकार का करोड़ों रुपया बर्बाद होगा.
'डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की सादगी अनोखी'
बता दें कि कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ. जिसके बाद पवन वर्मा ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद की सादगी सबसे अनोखी थी. वह धर्मनिरपेक्ष सोच के व्यक्ति थे और बातचीत में यकीन रखते थे.