पटना: पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक की नियुक्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग के (hearing on appointment of eye assistant) अतिरिक्त निर्देशक को 6 अप्रैल को कोर्ट में तलब किया है. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने रंजीत कुमार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने नेत्र सहायक के पद पर नियुक्ति करने के लिए वर्ष 2021 में एक विज्ञापन निकाला था.
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नेत्र सहायक के डिप्लोमा कोर्स किए उम्मीदवार को ही योग्य माना था: इस विज्ञापन के अनुसार इस पद पर नियुक्ति के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान और अंग्रेजी के साथ उत्तीर्ण और मान्यता प्राप्त संस्थान से नेत्र सहायक के डिप्लोमा कोर्स किए उम्मीदवार को ही योग्य माना था. याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि विज्ञापन को हाईकोर्ट में चुनौती दिया गया, जिसके बाद कई रिट याचिकाएं अन्य अभ्यर्थियों के द्वारा भी हाईकोर्ट में दायर किया गया. हाईकोर्ट ने कुछ रिट याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अपना आदेश सुनाया.
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने वर्ष 2021 में एक विज्ञापन निकाला था:याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया गया कि सरकार द्वारा इस मामले में जो शपथ पत्र दायर किया गया है, वह हाईकोर्ट के खंडपीठ के आदेश के विपरीत है. इसी मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अपर निर्देशक को अगली सुनवाई पर तलब किया है. इस मामलें पर आगे सुनवाई की जाएगी. बता दें कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने नेत्र सहायक के पद पर नियुक्ति करने के लिए वर्ष 2021 में एक विज्ञापन निकाला था.