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पटना: बाढ़ के शनिधाम मंदिर में उमड़ूी भक्तों की भारी भीड़, रोचक है इसकी कथा - सन् 2008 में बाल शनिधाम मंदिर की स्थापना

बताया जाता है कि नागा बाबा को सपना आया था कि शनि भगवान की मूर्ति शिंगनापुर नामक स्थान पर है. वहां से बाढ़ के तीन लोगों ने ही मूर्ति लाकर सीधे घाट में स्थापित किया. नागा बाबा के अनुसार शनि भगवान न्याय के देवता है.

भक्तों की लगी लंबी कतार
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Published : Sep 21, 2019, 12:16 PM IST

पटना: बाढ़ अनुमंडल के सुप्रसिद्ध सीधी घाट के बाल शनिधाम मंदिर में शनिवार को भक्तों की लंबी कतार देखी गई. भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. खासकर महिला भक्तों की अच्छी खासी भीड़ मंदिर में देखने को मिली. वहीं, स्थानीय पूजा सामाग्री और फल-फूल की दुकानों में भी काफी चहल-पहल रही. शनिवार को बाल शनिधाम मंदिर परिसर के प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा और कड़ी व्यवस्था की जाती है.

shani dham on saturday
शनिवार भक्तों की लगी लंबी कतार

भगवान शनि के बाल रूप का पूजन-दर्शन
सुप्रसिद्ध सीधी घाट में पहले भगवान शिव का मंदिर हुआ करता था. शिवजी मुनि उदासीन उर्फ नागा बाबा ने सन 2008 में बाल शनिधाम मंदिर की स्थापना की थी. जहां शनि भगवान के बाल रूप का पूजन-दर्शन किया जाता है. मंदिर में शनि भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन न होकर यहां भगवान का छाया दर्शन होता है.

बाढ़ के शनिधाम में शनिवार को भक्तों की लगी लंबी कतार

कुछ यूं हुई भगवान की बाढ़ में स्थापना
बताया जाता है कि नागा बाबा को सपना आया था कि शनि भगवान की मूर्ति शिंगनापुर नामक स्थान पर है. वहां से बाढ़ के तीन लोगों ने ही मूर्ति लाकर सीधे घाट में स्थापित किया. नागा बाबा के अनुसार शनि भगवान न्याय के देवता है. भगवान शिव ने शनि महाराज को न्याय के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है. जिसके कारण हम जो अच्छे या बुरे कर्म करते हैं. उसका क्या न्याय और दंड होना है यह शनि भगवान तय करते हैं.

पटना: बाढ़ अनुमंडल के सुप्रसिद्ध सीधी घाट के बाल शनिधाम मंदिर में शनिवार को भक्तों की लंबी कतार देखी गई. भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. खासकर महिला भक्तों की अच्छी खासी भीड़ मंदिर में देखने को मिली. वहीं, स्थानीय पूजा सामाग्री और फल-फूल की दुकानों में भी काफी चहल-पहल रही. शनिवार को बाल शनिधाम मंदिर परिसर के प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा और कड़ी व्यवस्था की जाती है.

shani dham on saturday
शनिवार भक्तों की लगी लंबी कतार

भगवान शनि के बाल रूप का पूजन-दर्शन
सुप्रसिद्ध सीधी घाट में पहले भगवान शिव का मंदिर हुआ करता था. शिवजी मुनि उदासीन उर्फ नागा बाबा ने सन 2008 में बाल शनिधाम मंदिर की स्थापना की थी. जहां शनि भगवान के बाल रूप का पूजन-दर्शन किया जाता है. मंदिर में शनि भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन न होकर यहां भगवान का छाया दर्शन होता है.

बाढ़ के शनिधाम में शनिवार को भक्तों की लगी लंबी कतार

कुछ यूं हुई भगवान की बाढ़ में स्थापना
बताया जाता है कि नागा बाबा को सपना आया था कि शनि भगवान की मूर्ति शिंगनापुर नामक स्थान पर है. वहां से बाढ़ के तीन लोगों ने ही मूर्ति लाकर सीधे घाट में स्थापित किया. नागा बाबा के अनुसार शनि भगवान न्याय के देवता है. भगवान शिव ने शनि महाराज को न्याय के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है. जिसके कारण हम जो अच्छे या बुरे कर्म करते हैं. उसका क्या न्याय और दंड होना है यह शनि भगवान तय करते हैं.

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Body:बाढ़ अनुमंडल के सुप्रसिद्ध सीधी घाट में स्थित बाल शनिधाम मैं आज शनिवार को भक्तों की लंबी कतार देखी गई सनी भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी आदित्य भट्ट सनी बाल को काला ड्रेस पहन कर पूजा करने के लिए आए हुए थे महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई वहीं स्थानीय लोगों द्वारा सिंगार पूजा सामग्री फल फूल के दुकान लगाए गए वही बाल शनिधाम प्रशासन द्वारा शनिवार को प्रकाश सुरक्षा सहित विशेष व्यवस्था की जाती है

सुप्रसिद्ध सीढ़ी घाट में पहले शिव भगवान का मंदिर हुआ करता था। 2008 में शिवजी मुनि उदासीन उर्फ नागा बाबा द्वारा बाल शनिधाम की स्थापना की गई। जहां शनि भगवान के बाल रूप का पूजा किया जाता है। यहां पर शनि भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होता है यहां शनि भगवान का छाया दर्शन होता है। नागा बाबा को सपना आया था कि शनि भगवान का मूर्ति शिगनापुर नामक स्थान पर है।वहां से बाढ़ के तीन लोगों ने मूर्ति लाकर सीडी घाट में स्थापित किया। नागा का बाबा के अनुसार शनि भगवान न्याय के देवता है। भगवान शिव के द्वारा इनको न्याय के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है। जिसके कारण हम जो अच्छे या बुरे कर्म करते हैं।उसका क्या न्याय और दंड होना है या शनि भगवान तय करते हैं।

बाइक- शिवजी मनी उदासीन उर्फ नागा बाबा ( बाल शनि धाम के संस्थापक)


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