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कोरोना से बचाव के लिए बीएमपी और पुलिस मुख्यालय को लगातार किया जा रहा सेनेटाइज - coronavirus in patna

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की माने तो जिस आईपीएस अधिकारी का बॉडीगार्ड जो कि बीएमपी का जवान था. वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके बाद पूरे बीएमपी कैंपस को लगातार सेनेटाइज किया जा रहा है.

पटना
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Published : May 14, 2020, 4:01 PM IST

पटना : बीएमपी में करोना फैलने के बाद पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए पूरे बीएमपी को सेनेटाइज किया जा रहा है. जिस बैरक में बीएमपी के जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, उस बैरक को पूरी तरह सील कर दिया गया है. अब तक कुल 15 कोरोना पॉजिटिव बीएमपी जवान मिले हैं. बिहार के एक आईपीएस अधिकारी का बॉडीगार्ड भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके बाद आईपीएस अधिकारी के पूरे परिवार को होम क्वारंटाइन किया गया है. लेकिन कल देर शाम कोरोना रिजल्ट में आईपीएस अधिकारी का कोरोना रिजल्ट नेगेटिव आया है.

संक्रमण किसी को भी और कभी भी हो सकता है- डीजीपी
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की माने तो जिस आईपीएस अधिकारी का बॉडीगार्ड जो कि बीएमपी का जवान था. वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके बाद पूरे बीएमपी कैंपस को लगातार सेनेटाइज किया जा रहा है. आने-जाने वाले सभी जवानों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही बीएमपी में इंट्री मिलती है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी आईएस, आईपीएस का भी बॉडीगार्ड कोरोना संक्रमित हो सकता है. संक्रमण किसी को भी और कभी भी हो सकता है.

देखें पूरी रिपोर्ट

'पुलिसकर्मी को भी 14 दिन के लिए रखा जाता है क्वारंटाइन में'
डीजीपी की माने तो एक रिटायर्ड बीएमपी जवान जोकि लॉकडाउन में फंसे होने की वजह से अपने घर झारखंड नहीं जा पाया, उसे करोना संक्रमण होने की वजह से उनके साथ रह रहे बैरक में दूसरे साथियों को भी कोरोना अपना शिकार बना लिया है. डीजीपी की माने तो अब तक बीएमपी के 77 पुलिसकर्मियों की जांच हो चुकी है. वहीं, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की मानें तो बिहार में लगातार लगातार बिहार में बढ़ रहे कोरोना वायरस को देखते हुए एक जिला से दूसरे जिला जाने वाले पुलिसकर्मी को सबसे पहले 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाता है, उसके बाद ही उनसे ड्यूटी ली जाती है.

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थर्मल स्क्रीनिंग

'पुलिसकर्मियों की भी अब हो रही है जांच'
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि बीएमपी 14 समेत आरा, बक्सर और बेगूसराय में पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है. पुलिस एहतियात के तौर पर पुलिस मुख्यालय में आने वाले सभी लोगों का स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें मुख्यालय में इंट्री मिलती है. वहीं, डीजीपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने स्वास्थ विभाग को पत्र भी लिखा है कि हॉटस्पॉट इलाके और रेड जोन में तैनात पुलिसकर्मियों की भी कोरोना जान कराना अनिवार्य है. जिसके तहत लगातार पुलिसकर्मियों की भी अब जांच हो रही है.

पटना : बीएमपी में करोना फैलने के बाद पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए पूरे बीएमपी को सेनेटाइज किया जा रहा है. जिस बैरक में बीएमपी के जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, उस बैरक को पूरी तरह सील कर दिया गया है. अब तक कुल 15 कोरोना पॉजिटिव बीएमपी जवान मिले हैं. बिहार के एक आईपीएस अधिकारी का बॉडीगार्ड भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके बाद आईपीएस अधिकारी के पूरे परिवार को होम क्वारंटाइन किया गया है. लेकिन कल देर शाम कोरोना रिजल्ट में आईपीएस अधिकारी का कोरोना रिजल्ट नेगेटिव आया है.

संक्रमण किसी को भी और कभी भी हो सकता है- डीजीपी
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की माने तो जिस आईपीएस अधिकारी का बॉडीगार्ड जो कि बीएमपी का जवान था. वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके बाद पूरे बीएमपी कैंपस को लगातार सेनेटाइज किया जा रहा है. आने-जाने वाले सभी जवानों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही बीएमपी में इंट्री मिलती है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी आईएस, आईपीएस का भी बॉडीगार्ड कोरोना संक्रमित हो सकता है. संक्रमण किसी को भी और कभी भी हो सकता है.

देखें पूरी रिपोर्ट

'पुलिसकर्मी को भी 14 दिन के लिए रखा जाता है क्वारंटाइन में'
डीजीपी की माने तो एक रिटायर्ड बीएमपी जवान जोकि लॉकडाउन में फंसे होने की वजह से अपने घर झारखंड नहीं जा पाया, उसे करोना संक्रमण होने की वजह से उनके साथ रह रहे बैरक में दूसरे साथियों को भी कोरोना अपना शिकार बना लिया है. डीजीपी की माने तो अब तक बीएमपी के 77 पुलिसकर्मियों की जांच हो चुकी है. वहीं, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की मानें तो बिहार में लगातार लगातार बिहार में बढ़ रहे कोरोना वायरस को देखते हुए एक जिला से दूसरे जिला जाने वाले पुलिसकर्मी को सबसे पहले 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाता है, उसके बाद ही उनसे ड्यूटी ली जाती है.

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थर्मल स्क्रीनिंग

'पुलिसकर्मियों की भी अब हो रही है जांच'
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि बीएमपी 14 समेत आरा, बक्सर और बेगूसराय में पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है. पुलिस एहतियात के तौर पर पुलिस मुख्यालय में आने वाले सभी लोगों का स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें मुख्यालय में इंट्री मिलती है. वहीं, डीजीपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने स्वास्थ विभाग को पत्र भी लिखा है कि हॉटस्पॉट इलाके और रेड जोन में तैनात पुलिसकर्मियों की भी कोरोना जान कराना अनिवार्य है. जिसके तहत लगातार पुलिसकर्मियों की भी अब जांच हो रही है.

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