पटना: बिहार में महागठबंधन की सरकार है. आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी ट्विटर और सोशल मीडिया को लेकर तरह-तरह के बयान देते थे लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी है. दोनों खूब सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. राजनीतिक रूप से तो इसका प्रयोग हो ही रहा है लेकिन अब सरकारी स्तर पर भी सोशल मीडिया का प्रयोग योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने, जानकारी देने और जागरूक करने में किया जा रहा है.
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सोशल मीडिया पर बिहार का सरकारी विभाग: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से तो विभागों को विशेष निर्देश भी दिया गया है. यही नहीं सभी जिला प्रशासन को भी सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से करने के लिए विशेष रूप से कहा गया है और उनकी रैंकिंग भी हो रही है. पटना जिला इस मामले में सबसे ऊपर है. हालांकि कुछ जिला अभी भी फिसड्डी बने हुए हैं लेकिन विभागों की बात करें तो सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सोशल मीडिया के प्रयोग करने में अभी सबसे आगे चल रहा है.
जनसंपर्क और स्वास्थ्य विभाग आगे: आईपीआरडी के बाद स्वास्थ्य विभाग और गृह विभाग आगे है. जहां फेसबुक में अभी बिहार सरकार का जो विभाग नंबर वन है, वह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग है. वहीं ट्विटर के प्रयोग करने में स्वास्थ्य विभाग आगे चल रहा है. इनका लाखों में फॉलोअर्स हैं. सूचना जनसंपर्क विभाग तो बुलेटिन भी चला रहा है.
सीएम सचिवालय के साथ ही तेजस्वी का विभाग भी एक्टिव: सोशल मीडिया के प्रयोग के लिए सीएम नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष रूप से टीम बना रखा. वहीं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और जनसंपर्क विभाग के मंत्री सोशल मीडिया के प्रयोग करने में आगे चल रहे हैं. उसके अलावा भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी सहित कई विभागों के मंत्री सोशल मीडिया का प्रयोग कर विभागों की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचने में लगे हैं.
फेसबुक पर प्रमुख विभागों की स्थिति: आईपीआरडी के फेसबुक पेज पर 5.81 लाख फॉलोअर्स हैं. बिहार पुलिस के 2.35 लाख फॉलोअर्स, स्वास्थ्य विभाग के 73 हजार फॉलोअर्स, कृषि विभाग के 45 हजार, गृह विभाग के 19 हजार और उद्योग विभाग के 17 हजार फॉलोअर्स हैं. वहीं ऊर्जा विभाग को 16 हजार फॉलोअर्स फेसबुक पेज पर फॉलो करते हैं.
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एक्स (ट्विटर) पर प्रमुख विभागों की स्थिति: एक्स यानी ट्विटर पर सबसे अधिक स्वास्थ्य विभाग के फॉलोअर्स हैं. 5.66 लाख से अधिक लोग उसे फॉलो करते हैं. वहीं, शिक्षा विभाग के 2.36 लाख, आईपीआरडी के 4.14 लाख, बिहार पुलिस के 3.75 लाख, उद्योग विभाग के 47.9 हजार फॉलोअर्स हैं. कृषि विभाग के 46.9 हजार, निगरानी विभाग के 45.7 हजार, शहरी विकास विभाग के 32.8, परिवहन विभाग के 28.8 हजार, गृह विभाग के 26 हजार और ऊर्जा विभाग के 15.8 हजार फॉलोअर्स हैं.
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जयंत राज ने क्या कहा?: लघु जल संसाधन मंत्री जयंत राज का कहना है कि आज जिस प्रकार से कुछ ही सेकंड में मोबाइल पर सूचनाओं का आदान-प्रदान हो जाता है. सोशल मीडिया के माध्यम से वह बहुत महत्वपूर्ण है. बिहार सरकार का विभाग पॉजिटिव रूप में इसका इस्तेमाल कर रहा है, जिसका लाभ भी मिल रहा है.
"किसी भी सूचना को लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचाया जा सकता है. गांव के लोगों तक भी इसकी पहुंच गई है. अगर सरकारी विभाग भी पॉजिटिव इस्तेमाल कर रहा है तो ये अच्छी बात है. मेरा भी विभाग इसका प्रयोग कर रहा है"- जयंत राज, लघु जल संसाधन मंत्री
शीला मंडल क्या बोलीं?: वहीं, परिवहन मंत्री शीला मंडल का कहना है कि उनका विभाग भी सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर प्रयोग कर रहा है, क्योंकि पूरी दुनिया जिस प्रकार से मोबाइल में सिमट गई है वैसे में सोशल मीडिया आज महत्वपूर्ण हो गया है. इसके जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कम समय में जानकारी पहुंचाई जा सकती है.
"आजकल तो सोशल मीडिया का ही युग है. मेरे विभाग के द्वारा भी योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की जाती है, जिससे लोग जल्दी से उस बारे में जान पाते हैं"- शीला मंडल, परिवहन मंत्री, बिहार
ट्विटर पर विभाग के साथ जेडीयू नेता भी सक्रिय: आपको याद दिलाएं कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जब जेडीयू से अलग हुए थे, तब नीतीश कुमार ने कहा था कि वह तो ट्विटर वाले लोग हैं. हम लोग ट्विटर वाले नहीं है लेकिन आज नीतीश कुमार की पार्टी के कामकाज में भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सबसे अधिक जोर दिया रहा है. विपक्ष को जवाब देने के लिए अपने पार्टी नेताओं का इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह भी सीएम दे रहे हैं. जाहिर है कि सोशल मीडिया का असर अब नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों को भी पता चल गया है.