दरभंगा: जिले में दो-दो हत्याकांड से लोग दहशत में जी रहे थे. दोनों हत्याकांड के बाद दहशत इस कदर था कि इलाके के लोग शाम होते ही घर घुस जाते थे. वहीं अर्जुन कुमार शर्मा (13 वर्ष) हत्याकांड हत्याकांड से पर्दा उठने के बाद इलाके के लोग चैन की सांस ले रहे हैं. इस मामले में एक लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है.
गर्दन काटकर चढ़ाया बली
इस मामले को लेकर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने रामदेव शर्मा से पूछताछ की. रामदेव ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करते हुए अर्जुन की हत्या किए जाने की बात स्वीकार कर लिया. उसने पुलिस को बताया कि अपने तंत्र-मंत्र साधना की सिद्धि के लिए अर्जुन की हत्या की थी. अर्जुन कुमार का गर्दन काटकर मनुषदेवा को समर्पित कर दिया. इसके लिए उसने एक कहानी गढ़ी. रामदेव शर्मा पहले से ही झाड़-फूंक करता था. उसने अपनी पत्नी को बताया कि सपने में मनुषदेवा (देवता) ने कहा है कि किसी बालक का बली दिया तो, उन्हें सिद्धि की प्राप्ति होगी. यदि वह नहीं देते हैं तो उनके बेटे की मौत हो जाएगी. इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर अर्जुन को ही निशाना बना डाला.
चाचा ने की हत्या
रामदेव अर्जुन का रिश्तेदार में चाचा लगता है, लेकिन रामदेव इंसानियत की हद पार करते हुए 6 अगस्त की शाम अर्जुन के घर से निकलते ही पीछा करना शुरू कर दिया था. वहीं गांव के बाहर नहर के पास अर्जुन को धरदबोचा. इसके बाद हाथ-पैर बांधकर बेहोश करके एक झाड़ी में छुपा दिया. वहीं देर रात करीब 11 बजे उसे झाड़ी से कंधे पर उठाकर लाया और हसुआ से अर्जुन का गर्दन काटकर मनुषदेवा को चढ़ा दिया.
उम्र कैद की सजा
रामदेव शर्मा की संदिग्ध गतिविधि के लिए पहले भी हिरासत में लिया गया था. वहीं काफी पूछताछ के बाद भी उसने अपना जुर्म स्वीकार नहीं किया था. वहीं अगले दिन उसकी पत्नी की आत्महत्या कर लिए जाने के कारण उसे छोड़ दिया गया था. थानाध्यक्ष ने आरोपी के स्वीकारोक्ति के बाद सिटी एसपी अशोक कुमार प्रसाद को बुलाकर मामले की पूछताछ और पुष्टि के बाद रामदेव शर्मा को जेल भेज दिया. इसके साथ ही रामदेव को आजीवन करावास की सजा दी गई है.