पटना: आरक्षण के मुद्दे पर बिहार में सियासी संग्राम जारी है. आरक्षण के सवाल पर जदयू आक्रमक है. आरक्षण के सवाल पर पार्टी के नेता लगातार भाजपा को घेर रहे हैं. जदयू पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार पर आरक्षण को लेकर हमला बोला है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि भाजपा आरक्षण खत्म करना (Upendra Kushwaha attacked central government ) चाहती. केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आरक्षित सीटों पर नियुक्ति का आंकड़ा धीरे-धीरे घटता जा रहा है.
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रिजर्वेशन रोस्टर का पालन नहीं: जदयू नेता और पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि भाजपा धीरे-धीरे आरक्षण को खत्म करना चाहती है. पहले तो लेटरल एंट्री के जरिए आरक्षण को खत्म किया गया. ब्यूरोक्रेसी में लेटरल एंट्री दी गई लेकिन उसमें रिजर्वेशन रोस्टर का पालन नहीं किया गया. अब प्रोफेसर की नियुक्ति भी बगैर डिग्री के की जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा RSS से जुड़े और अपने चहेते लोगों को नियुक्त करना चाहती है.
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भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती: उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में जितने भी कुलपति हैं उसमें आरक्षित श्रेणी से ना के बराबर हैं व्याख्याताओं के पद पर भी जितनी आरक्षित सीट हैं उतनी नियुक्ति नहीं की जा सकती है. यूजीसी ने जो नया गाइडलाइन दिया है उससे साफ लगता है कि भाजपा आरक्षण खत्म (Upendra Kushwaha said BJP wants to end reservation) करना चाहती है. आपको बता दें कि नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ा आरक्षण इस सवाल पर कोर्ट के फैसले के बाद नीतीश सरकार घिर गई है. इस पर सियासत तेज हो गई है. जदयू भाजपा को कटघरे में खड़े करने लगी तो भाजपा ने जदयू को दोषी करार दिया.
"केंद्रीय विश्वविद्यालय में जितने भी कुलपति हैं उसमें आरक्षित श्रेणी से ना के बराबर हैं व्याख्याताओं के पद पर भी जितनी आरक्षित सीट हैं उतनी नियुक्ति नहीं की जा सकती है. यूजीसी ने जो नया गाइडलाइन दिया है उससे साफ लगता है कि भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है"- उपेंद्र कुशवाहा, अध्यक्ष, जदयू पार्लियामेंट्री बोर्ड