पटना: राजधानी पटना में बेउर जेल (Beur Jail) में बंद बंदियों से परिजनों की अब मुलाकात हो सकेगी इसके लिए बेउर जेल प्रशासन (Beur Jail Administration) की ओर से मुलाकात सेंटर (Meeting Center) में कुल 32 काउंटर बनाए गए हैं. मुलाकात का ब्योरा अपडेट करने तथा रजिस्ट्रेशन के लिए मुलाकात सेंटर में 8 दक्ष कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती भी की गई है. मंगलवार को सूबे के विभिन्न जिलों से करीब दो सौ से अधिक बंदियों के परिजन मुलाकात के लिए आएंगे.
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तलाशी व कोरोना जांच के बाद ही बंदियों के परिजनों की मुलाकात सेंटर में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी. कैदियों से मुलाकात के दौरान परिजनों को जेल परिसर के मुलाकाती सेंटर में प्रवेश करने से पहले परिजनों को मास्क पहनना और अपने हाथों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा. जेल अधीक्षक इं. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मुलाकात के लिए आने वाले बंदियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गई है. जिन बंदियों के परिजनों के पास मास्क नहीं होगा उन्हें जेल प्रशासन द्वारा मुफ्त में मास्क दिया जाएगा.
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जेल अधीक्षक ने बताया कि ई मुलाकात के तहत परिजनों को सीएसपी सेंटर व इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. सोमवार को प्रीजन डॉट इन साफ्टवेयर बंद रहता है. यही, नहीं तमाम बंदियों के परिजनों के पास एंड्रायड मोबाइल भी नहीं हैं. ऐसे में उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने में दिक्कत हो सकती है इसको देखते हुए मंगलवार को जो परिजन रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके होंगे उनका रजिस्ट्रेशन जेल प्रशासन की ओर से कराते हुए मुलाकात कराई जाएगी.
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बता दें कि कोरोना महामारी के मद्देनजर पिछले 18 महीने से जेलों में बंद कैदियों को उनके परिजनों से सीधी मुलाकात की बंदिशों को 15 नवंबर से हटा लिया गया है. कैदियों से मुलाकात (Meeting To Prisoners) का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है. 15 नवंबर से पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर जेल (Beur Jail) के कैदियों के अपने परिजनों से सीधे मुलाकात की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है.
कैदियों से मुलाकात के लिए ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी. जिसके पास एंड्रॉयड मोबाइल ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए नहीं होगा उन लोगों के लिए गांव में ग्राहक सेवा केंद्र की सुविधा से बुकिंग कराई जा सकती है. यह सुविधा अगर बिहार में पूर्ण रूप से लागू हो पाएगी तो बिहार पहला राज्य होगा जहां जेलों के अंदर स्लॉट बुक करके फिजिकल मुलाकात की व्यवस्था होगी. कैदियों के बीच उनके परिजनों से कोरोना का संक्रमण ना फैल सके जिसके लेकर कैदी और परिजनों के बीच ग्लास और इंटरकॉम लगाए जाएंगे.
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