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'दादी' पर गतिरोध जारी : मदन राठौड़ बोले- मंत्री ने जो गलती की नहीं, उसके लिए माफी क्यों मांगे ? - BJP ON DADI ROW

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का मंत्री अविनाश गहलोत को समर्थन. उन्होंने कहा- सदन का गतिरोध खत्म हो और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले.

BJP State President Madan Rathore
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : Feb 26, 2025, 6:05 PM IST

Updated : Feb 26, 2025, 7:04 PM IST

जयपुर: 'दादी' शब्द को लेकर राजस्थान की विधानसभा में उठा सियासी बवाल लगातार जारी है. विपक्ष सदन की कार्यवाही से बहिष्कार करके धरने-प्रदर्शन में लगा है. वहीं, सरकार सदन में बजट पर बिना विपक्ष के चर्चा कर रही है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ से पहले कौन, पहले कौन माफी मांगे, इस पर गतिरोध बना हुआ है. हालांकि, सदन में चल रहे इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ सदस्य लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात बन नहीं पा रही है.

मंत्री की माफी को लेकर जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से ईटीवी भारत ने बातचीत की तो उन्होंने साफ कर दिया कि सदन का गतिरोध खत्म हो. सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए हम भी आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं. मदन राठौड़ ने कहा कि जहां तक बात मंत्री के माफी की बात है, तो जो गलती हमारे मंत्री ने की ही नहीं, उस पर माफी के लिए मंत्री को कैसे कह दूं ?

मदन राठौड़ ने क्याकहा, सुनिए... (ETV Bharat Jaipur)

राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष ने अमर्यादित शब्द बोले : विधानसभा में चल रहे गतिरोध पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि गतिरोध समाप्त हो. सदन व्यवस्थित रूप से चले. प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिले. सदन के अंदर जो गतिरोध है, उसको समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से बात कर कोशिश भी की, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अपनी बात से मुकर गए. जबकि उन्होंने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, वह मर्यादित थे. राजस्थान विधानसभा की राजनीति में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किसी ने नहीं किया.

गोविंद सिंह डोटासरा वादाखिलाफी की, जिसकी वजह से गतिरोध और बढ़ गया. विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में माफी मांगने की बात हो गई तो फिर हाउस में आकर माफी मांगने में क्या दिक्कत थी ? माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता. उनके मन में क्या भाव पैदा हो गई पता नहीं, लेकिन उन्हें सदन से ऊपर अपने आपको मान लेना ठीक बात नहीं है.

पढ़ें : 'दादी' पर गतिरोध: विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना, अविश्वास प्रस्ताव और विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की चेतावनी - RAJASTHAN BUDGET SESSION 2025

मंत्री ने कुछ गलत नहीं बोला : मदन राठौड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया वो संसदीय भाषा के अनुरूप नहीं थी. सत्ता पक्ष इस पर किस तरह का प्रस्ताव लाएगा, इसको लेकर कुछ ज्यादा नहीं बोल सकता. मैं सदन का सदस्य नही हूं, लेकिन मैं जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार है, उसका प्रदेश अध्यक्ष हूं. हम तो यह चाहेंगे कि गतिरोध खत्म हो. पहले कौन, पहले कौन की माफी पर मदन राठौड़ ने कहा कि जिनको माफी मांगनी चाहिए, उनके लिए माफी मांगनी जरूर है.

हमारी सरकार ने कुछ गलत किया ही नहीं. हमारे मंत्री ने किसी तरह का कोई कुछ गलत बोला ही नहीं तो, किस बात की मंत्री माफी मांगे ? मंत्री माफी मांगे, ऐसा कुछ बोले नही, तो मैं उनसे कैसे माफी के लिए बोल दूं. मैं अपने मंत्री को माफी मांगने के लिए नहीं कहूंगा, क्योंकि उन्होंने गलत काम नहीं किया. राठौड़ ने कहा कि दादी शब्द से कोई ऐतराज है तो उसको हटा दो. इसके बाद क्या रह जाता है.

राठौड़ ने कहा कि दादी शब्द से विपक्ष को दिक्कत नहीं होनी चाहिय. हम जब महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता बोलते हैं, पंडित जवाहरलाल नेहरू को चाचा नेहरू बोलते हैं तो फिर इंदिरा गांधी को दादी बोलने में क्या दिक्कत है ? इसमें कोई अपमानजनक नहीं है. इसके बाद भी उनको लगता है कि दादी कैसे कह दिया तो हम उस शब्द को विलोपित करने की बात कर रहे हैं. हमारे सदन में व्यवस्था है, कई सदस्य उत्तेजित हो जाते हैं. कुछ गलत बोल जाते हैं तो उसे सदन की कार्यवाही से हटाते भी हैं.

जयपुर: 'दादी' शब्द को लेकर राजस्थान की विधानसभा में उठा सियासी बवाल लगातार जारी है. विपक्ष सदन की कार्यवाही से बहिष्कार करके धरने-प्रदर्शन में लगा है. वहीं, सरकार सदन में बजट पर बिना विपक्ष के चर्चा कर रही है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ से पहले कौन, पहले कौन माफी मांगे, इस पर गतिरोध बना हुआ है. हालांकि, सदन में चल रहे इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ सदस्य लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात बन नहीं पा रही है.

मंत्री की माफी को लेकर जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से ईटीवी भारत ने बातचीत की तो उन्होंने साफ कर दिया कि सदन का गतिरोध खत्म हो. सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए हम भी आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं. मदन राठौड़ ने कहा कि जहां तक बात मंत्री के माफी की बात है, तो जो गलती हमारे मंत्री ने की ही नहीं, उस पर माफी के लिए मंत्री को कैसे कह दूं ?

मदन राठौड़ ने क्याकहा, सुनिए... (ETV Bharat Jaipur)

राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष ने अमर्यादित शब्द बोले : विधानसभा में चल रहे गतिरोध पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि गतिरोध समाप्त हो. सदन व्यवस्थित रूप से चले. प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिले. सदन के अंदर जो गतिरोध है, उसको समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से बात कर कोशिश भी की, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अपनी बात से मुकर गए. जबकि उन्होंने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, वह मर्यादित थे. राजस्थान विधानसभा की राजनीति में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किसी ने नहीं किया.

गोविंद सिंह डोटासरा वादाखिलाफी की, जिसकी वजह से गतिरोध और बढ़ गया. विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में माफी मांगने की बात हो गई तो फिर हाउस में आकर माफी मांगने में क्या दिक्कत थी ? माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता. उनके मन में क्या भाव पैदा हो गई पता नहीं, लेकिन उन्हें सदन से ऊपर अपने आपको मान लेना ठीक बात नहीं है.

पढ़ें : 'दादी' पर गतिरोध: विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना, अविश्वास प्रस्ताव और विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की चेतावनी - RAJASTHAN BUDGET SESSION 2025

मंत्री ने कुछ गलत नहीं बोला : मदन राठौड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया वो संसदीय भाषा के अनुरूप नहीं थी. सत्ता पक्ष इस पर किस तरह का प्रस्ताव लाएगा, इसको लेकर कुछ ज्यादा नहीं बोल सकता. मैं सदन का सदस्य नही हूं, लेकिन मैं जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार है, उसका प्रदेश अध्यक्ष हूं. हम तो यह चाहेंगे कि गतिरोध खत्म हो. पहले कौन, पहले कौन की माफी पर मदन राठौड़ ने कहा कि जिनको माफी मांगनी चाहिए, उनके लिए माफी मांगनी जरूर है.

हमारी सरकार ने कुछ गलत किया ही नहीं. हमारे मंत्री ने किसी तरह का कोई कुछ गलत बोला ही नहीं तो, किस बात की मंत्री माफी मांगे ? मंत्री माफी मांगे, ऐसा कुछ बोले नही, तो मैं उनसे कैसे माफी के लिए बोल दूं. मैं अपने मंत्री को माफी मांगने के लिए नहीं कहूंगा, क्योंकि उन्होंने गलत काम नहीं किया. राठौड़ ने कहा कि दादी शब्द से कोई ऐतराज है तो उसको हटा दो. इसके बाद क्या रह जाता है.

राठौड़ ने कहा कि दादी शब्द से विपक्ष को दिक्कत नहीं होनी चाहिय. हम जब महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता बोलते हैं, पंडित जवाहरलाल नेहरू को चाचा नेहरू बोलते हैं तो फिर इंदिरा गांधी को दादी बोलने में क्या दिक्कत है ? इसमें कोई अपमानजनक नहीं है. इसके बाद भी उनको लगता है कि दादी कैसे कह दिया तो हम उस शब्द को विलोपित करने की बात कर रहे हैं. हमारे सदन में व्यवस्था है, कई सदस्य उत्तेजित हो जाते हैं. कुछ गलत बोल जाते हैं तो उसे सदन की कार्यवाही से हटाते भी हैं.

Last Updated : Feb 26, 2025, 7:04 PM IST
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