रायसेन: विश्व में कचरा एक बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए दुनियाभर की सरकार चिंतित है. इससे निपटने के लिए विभिन्न प्रकार के कदम भी सरकार उठा रही है, लेकिन यह काफी खर्चीले साबित हो रहे हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की नगर पालिका ने एक खास पहल की है. शहर से निकलने वाले कचरे की मदद से एक ऑक्सीजन पार्क बनाया है. पार्क में उपयोग की गई सभी जरूरी चीजों को शहर से निकलने वाले कचरे से इकट्ठा कर तैयार किया गया है.
कबाड़ से बना ऑक्सीजन पार्क
दरअसल, शहर के विदिशा मार्ग इलाके में इस ऑक्सीजन पार्क को बनाया गया है. एक समय में यहां कचरे और कबाड़ का ढेर लगा रहता था. कबाड़ को नीलाम करने की भी कवायद होने लगी थी, लेकिन इसकी कीमत कम मिलने के कारण नहीं नीलाम किया गया. हालांकि, कुछ दिनों के बाद ही नगर पालिका की बैठक में निर्णय हुआ कि इस कबाड़ की मदद से एक पार्क का निर्माण किया जाए. आज बनकर तैयार ऑक्सीजन पार्क में सब कुछ कबाड़ की मदद से ही बनाया गया है, चाहे वह कुर्सी हो या फिर पार्क की बाउंड्री.
शासन से भूमि आवंटित करने की मांग
रायसेन नगर पालिका की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेखा जाटव ने कहा, " शहर में और भी पार्क बनाने के लिए नगर निगम द्वारा प्लान तैयार किया जा रहा है. इस काम के लिए शासन से भूमि आवंटित करने की मांग की गई है. विशेषकर उन क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां गंदगी बहुत होती है. वहां सुंदर गार्डन बनाए जाएंगे, जिससे शहर की खूबसूरती बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को कचरे से राहत मिलेगी."
पार्क में होगा कचरे से निर्मित खाद का उपयोग
उन्होंने आगे कहा, " रायसेन नगर पालिका ने शहर से निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन करने के लिए भोपाल रोड पर डंपिंग ग्राउंड का निर्माण किया है, वहां पर कचरे का सेग्रीगेशन कर खाद तैयार किया जाता है. अब इस खाद का उपयोग ऑक्सीजन पार्कों में किया जाएगा."
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रायसेन शहर से प्रतिदिन 20 से अधिक गाड़ियां कचरे को डंपिंग ग्राउंड ले जाती हैं. इस डंपिंग ग्राउंड में कचरा का सेग्रीगेशन किया जाता है, साथ ही ठोस और नरम कचरे को अलग किया जाता है. वहीं, इस सेग्रीगेशन के साथ मिलने वाले ठोस कबाड़ को भी उपयोग करने के लिए अलग से स्टोर किया जाता है.