संतकबीरनगर : जिले में सुभासपा की प्रदेश महासचिव की हत्या के मामले में सोमवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा. प्रतिनिधि मंडल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर सपा विधायक राम अचल राजभर के नेतृत्व में पहुंचा था. इस दौरान पुलिस प्रशासन और समाजवादी पार्टी के नेताओं में नोंकझोक हो गई. आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने प्रतिनिधि मंडल ने मृतका के घर नहीं जाने दिया. जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मामला ज्यादा बढ़ने पर पुलिस ने सपा नेता राम अचल राजभर को हिरासत में ले लिया और सर्किट हाउस लेकर चली गई.
सर्किट हाउस पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ता : सपा नेता राम अचल राजभर को हिरासत लेने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता सर्किट हाउस पर पहुंच गए. मीडिया से बातचीत में राम अचल राजभर ने कहा कि नंदनी राजभर की हत्या बेहद ही गंभीर है. पुलिस की लापरवाही के चलते एक राजभर परिवार की बेटी की जान चली गई. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों को रोकने में पूरी तरीके से विफल साबित हो रही है, जिसके चलते ऐसी घटना घटित हुई है. राम अचल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है. जब तक जिला प्रशासन पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं करने देता है तब तक संतकबीर नगर जिले में ही डटे रहेंगे. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है.
धारदार हथियार से कर दी गई थी हत्या : बता दें कि जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले डीघा गांव में रविवार शाम को सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदनी राजभर की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. मामले में तीन अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर सपा विधायक राम अचल राजभर के नेतृत्व में पूर्व विधायक जय चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव सहित सपा का प्रतिनिधिमंडल नंदनी राजभर के गांव पहुंचा था.
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