चमोली: मूल निवासी स्वाभिमान संगठन जोशीमठ के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर लोगों ने चक्का जाम किया. इस दौरान चक्का जाम स्थल पर पुलिस प्रशासन की भारी मौजूदगी रही. लोगों ने सरकार पर ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) को लेकर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की. साथ ही सरकार का पुतला दहन कर आक्रोश जताया. वहीं, चमोली अपर जिलाधिकारी के लिखित आश्वासन पर लोगों का प्रदर्शन समाप्त हुआ.
बदरीनाथ हाईवे पर 3 घंटे तक चक्का जाम: गौर हो कि ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) नगर में आई भू-धंसाव आपदा के 21 माह गुजर चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिससे गुस्साए लोगों ने आज चक्काजाम और बाजार बंद का ऐलान किया गया था. ऐसे में आज सुबह से लोग जमा होने शुरू हुए.
इसी तरह से करीब 9 बजे से चक्का जाम शुरू कर दिया. जिसमें धीरे-धीरे लोग जमा हुए और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई. लिहाजा, प्रशासन ने इस चक्का जाम को खत्म करने के लिए संगठन के लोगों की मान मनौव्वल की, लेकिन संगठन ने प्रशासन की एक नहीं सुनी.
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पुलिस को रोकने पड़े वाहन: मूल निवासी स्वाभिमान संगठन जोशीमठ से जुड़े लोग करीब 3 घंटे तक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डटे रहे. साथ ही इस दौरान पूरे ज्योतिर्मठ बाजार को बंद रखा गया. इस दौरान वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद रही. पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ, हेमकुंड जाने वाले यात्रियों के वाहनों को सेलंग और पीपलकोटी के पास ही रोक लिया. साथ ही चमोली की तरफ जाने वाले वाहनों को नगर में ही रोका गया.
धरना स्थल पर पहुंचे चमोली अपर जिलाधिकारी और एसडीएम: वहीं, चक्का जाम किए जाने के करीब एक घंटे बाद चमोली अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और ज्योतिर्मठ उप जिलाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे. जहां उन्होंने काफी मान-मनौव्वल के बाद मूल, पुस्तैनी आंदोलनरत लोगों को मनाया. साथ ही जानकारी दी कि ज्योतिर्मठ नगर के ट्रीटमेंट और स्थायी पुनर्वास के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर कार्रवाई जारी है.
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आईआईटी रुड़की को भेजी गई है ज्योतिर्मठ नगर के स्थिरीकरण की डीपीआर: उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ नगर के स्थिरीकरण की डीपीआर शासन की ओर से आईआईटी रुड़की को भेजी गई है, जहां से डीपीआर पास होने के बाद तत्काल ज्योतिर्मठ नगर के नीचे अलकनंदा नदी और धौली गंगा कर किनारे तटबंध के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
चमोली डीएम लोगों के समक्ष रखेंगे प्रगति रिपोर्ट: इसके अलावा उन्होंने कहा कि चमोली जिलाधिकारी खुद शासन और प्रशासन स्तर पर ज्योतिर्मठ नगर के सुरक्षा कार्यों को लेकर जो भी निर्णय व प्रगति हुई है, उसे आगामी 25 अक्टूबर तक ज्योतिर्मठ पहुंच कर लोगों के समक्ष रखेंगे. इसके अलावा मूल निवास स्वाभिमान संगठन के अन्य समस्त मांगों पर भी डीएम की ओर से सकारात्मक परिणाम लेकर अक्टूबर में लोगों के समक्ष सारी बातें रखी जाएगी. इन सब बातों पर लिखित आश्वासन के बाद चक्का जाम खत्म किया गया.
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क्या बोले मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष? मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष भुवनचंद्र उनियाल का कहना है कि मूल निवासी लंबे समय से ज्योतिर्मठ नगर में सुरक्षा कार्य, पुस्तैनी भवनों का मुआवजा, आपदा प्रभावितों को सहायता समेत अनेक मुद्दों पर सरकार को पत्राचार कर रही है. मामले को लेकर लगातार मुलाकात कर रही है, लेकिन सरकार ज्योतिर्मठ को लेकर कोई भी कार्य धरातल पर आज तक नहीं कर पाई है. जिसके बाद आज लोग चक्काजाम करने के लिए मजबूर हुए.
वहीं, पूर्व सभासद समीर डिमरी का कहना है कि ज्योतिर्मठ के लोगों को विस्थापन नहीं चाहिए. यहां के लोगों की सबसे पहली मांग है कि ज्योतिर्मठ नगर में सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं. आज प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया है कि 1 महीने के भीतर नगर में सुरक्षा के कार्य शुरू किए जाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा के कार्य जमीन पर नहीं उतरे तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
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